ठेठईटांगर में राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी का जल जंगल जमीन बचाओ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी के गठन सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि बाघ-हाथी परियोजना, भूमि अधिग्रहण विधेयक, अनुसूचित क्षेत्र से छेड़छाड़ तथा तेली और कुर्मी को आदिवासी बनाया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी दलित उत्पीड़न कानून 1989 को कमजोर करने से रोकना और मानव तस्करी बंद कराना सेंगेल पार्टी का मुख्य एजेंडा है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेंगेल पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पा सेकुंदा टेटे ने अपने संबोधन में कहा कि मोदी सरकार के कार्यकलापों से पार्टी बहुत दुखी है। आदिवासी और दलितों की सुरक्षा करने वाले कानून को भाजपा सरकार कमजोर कर रही है। भूमि अधिग्रहण विधेयक 2017 का पार्टी विरोध करती है। क्योंकि यह कानून बन गया तो आदिवासी समाज के लिए कठिन समस्या होगी और जनजातियों को विस्थापित होने से कोई नहीं बचा पाएगा। 42 विधायकों द्वारा तेली कुर्मी को आदिवासी बनाने का लिखित प्रस्ताव दिए जाने का विरोध भी किया गया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष मार्शल बरला सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे। इसके बाद एक ज्ञापन उपायुक्त एवं अन्य अधिकारियों को भेजा गया। कार्यक्रम में अनिल कंडुलना, बेंजामिन डुंगडुंग, सेकुंदा टोप्पो, हीरालाल एक्का, अनुकरण लकड़ा, फ्रांसिस कुल्लू, नामजन बागे, सिविल कंडुलना आैर लूथर टोपनो के अलावा मुंडा पड़हा के महासचिव अशोक कंडुलना ने अपने विचार रखे।