अंजड़ पुलिस को मंगलवार छोटा बड़दा नर्मदा घाट से एक युवती मिली थी। जोकि अपनी याददाश्त भूल चुकी थी। इसके बाद ठीकरी चाइल्ड लाइन ब्लॉक अधिकारी संजय आर्य ने युवती की काउंसलिंग करवाई लेकिन युवती को कुछ भी याद नहीं आ रहा था।
उन्होंने बताया युवती की जानकारी सभी वाट्सएप ग्रुप पर भेजी थी। इस पर धार जिले से एक फोन आया उन्होंने युवती के पिता होने का दावा किया। इसके बाद बड़वानी आकर बालिका के सभी दस्तावेज पेश किए। दस्तावेज बाल कल्याण समिति ने जांच कर यह निर्णय लिया की युवती को पिता के साथ घर भेजा जाए। संजय आर्य ने बताया युवती के पिता ने बताया बेटी मोबाइल लेने की जिद कर रही थी। लेकिन हमने मोबाइल दिलाने के मना कर दिया। इस पर घर से नाराज होकर चली गई थी। लेकिन उसकी याददाश्त कैसे चली गई इसकी जानकारी नहीं हैं। समिति ने सभी दस्तावेज जांच करने के बाद युवती को पिता के साथ भेज दिया। पिता ने कहा समाचार पत्रों में मेरा व मेरी बेटी का नाम नहीं छापा जाए। इससे उनकी बदनामी होगी।
युवती को पिता के सुपुर्द करते बाल कल्याण व चाइल्ड लाइन के पदाधिकारी।