ठियोग सिविल अस्पताल में दो माह से अधिक समय से गायनी विशेषज्ञ डाक्टर का पद रिक्त होने के कारण ठियोग व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को रूटीन चैकअप व अन्य समस्याओं के लिए शिमला जाना पड़ रहा है। इस कारण गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है और उन्हें गर्भावस्था में लंबा सफर करना पड़ता है। ठियोग अस्पताल में दो माह से कोई भी स्त्रीरोग विशेषज्ञ महिला चिकित्सक नहीं है। हर माह की नौ तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है लेकिन ठियोग अस्पताल में यह कार्य नहीं हो पा रहा है।
अस्पताल में सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं
ठियोग सिविल अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मी को रखे जाने का प्रस्ताव भी रोगी कल्याण समिति की बैठक में मंजूर किया गया था और अस्पताल प्रभारी ने इस प्रस्ताव को उच्चाधिकारियों को मंजूरी के लिए भेजा था लेकिन अभी तक यह मंजूरी भी नहीं आई है। अस्पताल परिसर में अवैध पार्किंग को हटाने के अलाव यहां भर्ती रोगियों खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी कोई सुरक्षा कर्मी अस्पताल में नहीं है।
रोगी कल्याण समिति बैठक में उठा था मुद्दा : पिछले माह रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी यह मुद्दा विधायक राकेश सिंघा के समक्ष उठा था और सदस्यों ने विभाग से जल्द ठियोग में गायनी विशेषज्ञ भेजने की मांग की थी। उल्लेखनीय है कि ठियोग अस्पताल में ठियोग उपमंडल के अलावा चौपाल, कसुम्पटी, नारकंडा आदि क्षेत्रों से भी महिलाएं आती हैं।
स्त्रीरोग विशेषज्ञ के जल्द आने की उम्मीद
अस्पताल प्रभारी डा0 दिलीप टेक्टा ने बताया कि अस्पताल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ का रिक्त पद भरने के लिए अधिकारियों को लिखा गया है और जल्द ही इसके भरे जाने की उम्मीद है। सुरक्षा कर्मी रखने के लिए भी अनुमति मांगी गई है।
जेनेरिक दवाखाना खोलने का स्वागत
उधर लोगों ने अस्पताल परिसर में एक मई से प्रधानमंत्री जनऔषधी योजना के तहत जेनेरिक दवाओं की दुकान शुरू करने के लिए सरकार का आभार जताया है। उल्लेखनीय है कि इस दुकान पर सस्ती दवाएं अब रोगियों को उपलब्ध हो रही हैं।