राठ और तिजारा के विकास का अगुआ बनेगा बीडा
बीड़ा (भिवाड़ी इंटीग्रेटेड़ डवलपमेंट ऑथोरिटी ) बनने के बाद भिवाड़ी, बहरोड़, नीमराणा, मुंडावर, कोटकासिम और तिजारा तहसील के 363 गांवों के लोगों को उम्मीद जगी है कि उनका पिछड़ापन अब और तेजी से दूर होगा। हालांकि इस बार बीड़ा का गठन अलग नियमों के तहत किया गया है तथा इसमें रीको को शामिल नहीं किया गया है। बीड़ा के कार्य क्षेत्र में नए 105 गांवों को और शामिल कर लिया गया है। कुल मिलाकर बीड़ा पर जिम्मेदारी है कि पूरे राठ और त्रिगर्त प्रदेश (तिजारा) के विकास का अगुवा बने। दैनिक भास्कर ने इन्हीं संभावनाओं पर बीडा सीईओ एमएल योगी से बातचीत की।
सवाल: बीड़ा के गठन के बाद हम कितने कदम चल पाए हैं ?
जवाब : बीड़ा का गठन की अधिसूचना 22 फरवरी को जारी की गई थी। अब यूआईटी को बीड़ा में डिजॉल्व कर दिया गया है। आगे किस प्रकार से कार्य होगा इसके लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रकरण विचाराधीन है।
सवाल : नया बीड़ा किस तरह अलग है ?
जवाब : पहले बीड़ा जब बनाया गया था तब यूआईटी और रीको उसमें शामिल थे। इस बार राजस्थान स्पेशल इन्वेस्टमेंट क्षेत्र के तहत इसमें यूआईटी व 105 नए गांवों को शामिल कर दिया गया है। कुल 363 गांव मिलकर भिवाड़ी इंटीग्रेटेड टाउनशिप (बिट) के नाम से जाना जाएगा।
सवाल: 45 मीटर रोड के लिए अवाप्त भूमि के बदले विकसित भूमि कब मिलेगी ?
जवाब : यूआईटी ने 2011 में भूमि अवाप्त की गई थी, लेकिन मुआवजा भुगतान नहीं हो सका। किसानों को भूमि के बदले विकसित भूमि के विकल्प मांगे गए। विकल्प मिलने पर 45 के स्थान पर 90 मीटर भूमि अवाप्त की गई और वहां कॉमर्शियल स्कीम बनाई गई है। वहां किसानों को भूमि के बदले विकसित भूमि दी जा रही है। इसके लिए आवंटन कमेटी की बैठक हो चुकी है। शीघ्र ही इसके अलॉटमेंट कर दिए जाएंगे।
सवाल: 60 मीटर रोड़ का निर्माण क्यों अटका है?
जवाब : इसमें मुआवजा भुगतान नहीं किया जा सका। किसानों से भूमि के बदले विकसित भूमि के विकल्प मांगे गए। केवल 25 प्रतिशत ने ही विकल्प दिए, जबकि 80 प्रतिशत किसानों के विकल्प जरूरी हैं। अब पुन: किसानों से विकल्प लिए जाएंगे। इसके बाद ही काम आगे बढ़ पाएगा।
सवाल : स्टेडियम निर्माण कब तक पूरा होगा ?
जवाब : सेक्टर तीन में स्टेडियम का प्रावधान रखा गया था। इसके लिए जिन किसानों की भूमि अवाप्त की गई उनमें से कुछ ने मुआवजा राशि प्राप्त नहीं की। मुआवजा राशि का रेफरेंस पेश कर न्यायालय में जमा करा दिया। कुछ भूमि पर अभी भी किसानों का कब्जा है। हटाकर स्टेडियम निर्माण कराएंगे।
सवाल : भिवाड़ी में लगभग हर सड़क पर अतिक्रमण हो रखा है। क्या कार्ययोजना है ?
जवाब :अतिक्रमण हटाना नियमित प्रक्रिया है। इसके लिए तहसीलदार को अतिक्रमण निरोधक अधिकारी की शक्तियां दी गई हैं। वे स्वविवेक से और शिकायतों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
सवाल : बीड़ा गठन के बाद आगे किस प्रकार की विकास योजनाओं पर काम किया जाएगा ?
जवाब : बीड़ा में कुछ नए गांवों को शामिल किया गया है। उनका मास्टर प्लान बनाकर विकास की योजनाएं बनाई जाएंगी। बीड़ा अध्यक्ष और सदस्य जनप्रतिनिधियों के साथ विकास की रूपरेखा बनाएंगे, ताकि ग्रामीणों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य करवाए जा सकें।
एमएल योगी
नवगठित बीडा के सीईओ एमएल योगी ने कहा-बीडा अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि तय करेंगे विकास की राह