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अस्पताल कंपाउंड में 6 माह की बच्ची का भ्रूण मिलने से सनसनी, हाथ कुत्ते ने नोंचा
सामुदायिक स्वास्थ केंद्र परिसर में करीब छह माह की बच्ची का अर्द्ध विकसित भ्रूण मिलने से सनसनी फैल गई। उसका हाथ कुत्ते ने नोंच खाया। भ्रूण अस्पताल कंपाउंड के अंदर कैसे और कहां से आया। इसका सवाल प्रबंधन के पास भी नहीं है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 6.30 पर कुछ भर्ती मरीज के परिजन सीमेंट की कुर्सी पर बैठकर चाय पी रहे थे, तभी उन्होंने देखा की समीप में कुछ कुत्ते जमीन के नीचे दबे अर्द्धविकसित लड़की के भ्रूण को खींच रहे हैं। उसका एक हाथ खा चुके हैं, उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को सूचित किया । प्रत्यक्षदर्शी कमलेश वंशकार ने बताया की उसके छोटे भाई की प|ी हॉस्पिटल में भर्ती है। वह उसे देखने आया हुआ था। करीब सुबह 6.30 बजे देखा की कुत्ते एक अर्द्धविकसित भ्रूण को गड्ढे से खींचकर उसे खाने का प्रयास कर रहें है। अस्पताल परिसर में ये खबर आग की तरह फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। आनन फानन में ड्यूटी पर तैनात डॉ. वीरेंद्र कुमार अपने कमरे से निकलकर अस्पताल परिसर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में इस प्रकार की कोई भी डिलेवरी होने से इंकार कर दिया।
गौरतलब है की एक सप्ताह पूर्व भी हॉस्पिटल में एक डिलेवरी को लेकर स्टाफ की लापरवाही सामने आई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में अर्द्धविकसित बच्ची का भ्रूण मिलना कोई मामूली बात नहीं है। अगर हॉस्पिटल में डिलेवरी नहीं हुई या अबॉर्शन नहीं हुआ तो हॉस्पिटल परिसर की सीमा में इस भ्रूण को कौन गड्ढे में गाड़ गया।
बल्देवगढ़। अस्पताल परिसर में मिले भ्रूण को देखने लोगों की भीड़ लगी।
भास्कर संवाददाता | टीकमगढ़
सामुदायिक स्वास्थ केंद्र परिसर में करीब छह माह की बच्ची का अर्द्ध विकसित भ्रूण मिलने से सनसनी फैल गई। उसका हाथ कुत्ते ने नोंच खाया। भ्रूण अस्पताल कंपाउंड के अंदर कैसे और कहां से आया। इसका सवाल प्रबंधन के पास भी नहीं है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 6.30 पर कुछ भर्ती मरीज के परिजन सीमेंट की कुर्सी पर बैठकर चाय पी रहे थे, तभी उन्होंने देखा की समीप में कुछ कुत्ते जमीन के नीचे दबे अर्द्धविकसित लड़की के भ्रूण को खींच रहे हैं। उसका एक हाथ खा चुके हैं, उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को सूचित किया । प्रत्यक्षदर्शी कमलेश वंशकार ने बताया की उसके छोटे भाई की प|ी हॉस्पिटल में भर्ती है। वह उसे देखने आया हुआ था। करीब सुबह 6.30 बजे देखा की कुत्ते एक अर्द्धविकसित भ्रूण को गड्ढे से खींचकर उसे खाने का प्रयास कर रहें है। अस्पताल परिसर में ये खबर आग की तरह फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। आनन फानन में ड्यूटी पर तैनात डॉ. वीरेंद्र कुमार अपने कमरे से निकलकर अस्पताल परिसर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में इस प्रकार की कोई भी डिलेवरी होने से इंकार कर दिया।
गौरतलब है की एक सप्ताह पूर्व भी हॉस्पिटल में एक डिलेवरी को लेकर स्टाफ की लापरवाही सामने आई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में अर्द्धविकसित बच्ची का भ्रूण मिलना कोई मामूली बात नहीं है। अगर हॉस्पिटल में डिलेवरी नहीं हुई या अबॉर्शन नहीं हुआ तो हॉस्पिटल परिसर की सीमा में इस भ्रूण को कौन गड्ढे में गाड़ गया।
पीएम के बाद दफनाया
थाना प्रभारी नन्हे सिंग ठाकुर का कहना है कि हॉस्पिटल से सुबह फोन द्वारा सूचना मिली थी। पुलिस ने भ्रूण का पीएम कराया। इसके बाद उसे दफन करा दिया गया है। मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी गई है। सीएमएचओ डॉ. वर्षा राय का कहना है कि मामले की जांच की जांच की जा रही है।
डिलेवरी रूम के बाथरूम के बाहर नाल मिली
बच्ची की नाल डिलेवरी रूम के बाथरूम के बाहर कैसे डली मिली, जिसे कुत्ते सफाचट कर गए। इन सब बातों से अस्पताल प्रबंधन शक के दायरे में आ गया है। हॉस्पिटल में रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक स्टॉफ नर्स सुनीता पटैरिया, डॉ. वीरेंद्र कुमार, चौकीदार मोहनलाल यादव और स्वीपर मक्खन बाल्मीक ड्यूटी पर तैनात थे। स्टॉफ नर्स सुनीता पटैरिया का कहना है कि रात में दो डिलेवरी हॉस्पिटल में हुई हैं। श्रीबाई अहिरवार प|ी मनोज अहिरवार निवासी बनेरा तिगेला रात्री 2.05 बजे भर्ती हुई थी। उसने लड़के को जन्म दिया और दोनों स्वस्थ हैं। वहीं दूसरी डिलेवरी सुशीला सौर प|ी धनीराम सौर रात 2.30 पर भर्ती हुई। सुबह 4 बजे उसने एक लड़की को जन्म दिया और स्वस्थ है। बीएमओ डॉ. एसके छिलवार का कहना है मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। हॉस्पिटल में पहुंचने के बाद जानकारी लेकर बताऊंगा। उधर बीएमओ ब्लाक मुख्यालय पर नहीं रहते हैं। वे अपना मुख्यालय सरकनपुर में बनाए हुए हैं। छात्र नेता अनुरुद्ध सिंह ने अस्पताल परिसर में भ्रूण मिलने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।