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बुंदेलखंड का सबसे छोटा जिला बनेगा निवाड़ी

3 वर्ष पहले
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लंबे इंतजार के बाद आखिरकार निवाड़ी प्रदेश का 52 वां जिला बनने जा रहा है। इस संबंध में राज्य ने अधिसूचना जारी कर दी है। दो माह तक दावे-आपत्ति मंगाए गए हैं। इसके बाद नया जिला अस्तित्व में आ जाएगा। निवाड़ी बुंदेलखंड का सबसे छोटा जिला होगा।

इसमें निवाड़ी, ओरछा एवं पृथ्वीपुर तहसील होंगी। पहले मोहनगढ़ एवं दिगौड़ा को शामिल किया जाना था, लेकिन पृथ्वीपुर विधायक अनीता नायक के विरोध के कारण दोनों जगह को नहीं जोड़ा गया है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही निवाड़ी को लेकर विरोध भी शुरु हो गया है। निवाड़ी जिले को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चुनावी घोषणा भाजपा के लिए गले की फांस बनती जा रही थी। चूंकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में निवाड़ी को जिला बनाना शिवराज सरकार की मजबूरी बन गया था। 2013 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनिल जैन को जिताने के लिए सीएम ने इशारों ही इशारों में निवाड़ी को जिला बनाने की सहमति प्रदान की थी।

सीएम की इस घोषणा के फलस्वरूप पहली बार निवाड़ी में भाजपा के अनिल जैन ने 27 हजार से अधिक मतों बुन्देलखंड के कद्दावर समाजवादी नेता दीपनारायण सिंह यादव की बुरी तरह पराजित करने में सफलता हासिल की थी। चुनाव के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान तीन मर्तबा निवाड़ी आ चुके हैं, लेकिन कभी खुलकर यह नहीं कहा था निवाड़ी जिला बनेगा। पूछी करगुवां के अंत्योदय मेले में सीएम ने निवाड़ी जिले को लेकर स्पष्ट तो नहीं, लेकिन जिला बनाने के वादे का जिक्र जरुर किया था। विधायक अनिल जैन को मां की त्रयोदशी में पहुंचे सीएम ने जिले के बारे में पूछे जाने पर सिर्फ इतना कहा था प्राण जाएं पर वचन न जाएं। मुरारी बापू की रामकथा में शामिल होने आए सीएम शिवराज जिले के मुद्दे पर तो कुछ नहीं बोले, लेकिन रामराजा के दरबार की परंपरा तोडऩे वाले विवाद में उलझ गए। चुनावी बेला शुरू हो चली है, इसलिए निवाड़ी को जिला बना दिया गया है। जिला बनाने को लेकर प्रदर्शन आंदोलन हुए और कई तहसीलों में जिले के विरोध में प्रदर्शन हुए। सत्ताधारी दल के दोनों विधायकों के बीच जहां तलवारें खिंची हुई थी। इस मुद्दे पर जिले की खरगापुर विधायक चंदारानी गौर ने भी 21 मार्च को विधानसभा में ध्यानाकर्षण लगाकर जतारा एवं पलेरा ब्लाक के गांवों को निवाड़ी जिले में शामिल न किया जाए। भाजपा की चुनावी घोषणा भाजपा के लिए ही गले की फांस बन गई थी।

किस विधानसभा में

कितने मतदाता
टीकमगढ़ जिले की पांच विधानसभाओं में 9,89,161 मतदाता हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार निवाड़ी में कुल 182230 मतदाता हैं, जिनमें 96013 पुरुष 86214 महिलाओं के अलावा 3 थर्ड जेंडर वोटर्स तथा 235 पोलिंग बूथ हैं। पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र में 187667 मतदाताओं में 99725 पुरुष 87937 महिलाओं अलावा 5 थर्ड जेंडर वोटर्स हैं। 246 पोलिंग बूथ हैं।

खरगापुर में सबसे ज्यादा मतदाता : जिले की सबसे बडी विधानसभा खरगापुर में सबसे अधिक कुल 219728 मतदाता हैं, जिनमें 116816 पुरुष तथा 102909 महिला मतदाताओं के अलावा 3 थर्ड जेंडर वोटर हैं। 282 पोलिंग बूथ हैं। टीकमगढ़ विस क्षेत्र में 265 पोलिंग बूथों में कुल 203484 मतदाताओं में 107171 पुरुष एवं 96309 महिला मतदाता हैं। 4 थर्ड जेंडर वोटर्स हैं।

टीकमगढ़ का राजस्व घटेगा
पर्यटन नगरी ओरछा और औद्योगिक क्षेत्र प्रतापपुरा टीकमगढ़ से अलग हो जाएगा। इन दोनों जगह से टीकमगढ़ को भारी भरकम राजस्व प्राप्त होता है। अब इन दोनों को निवाड़ी में मिलाया जा रहा है। टीकमगढ़ के लोगों ने इसका विरोध करना शुरु भी कर दिया है। उनका कहना है कि रामराजा सरकार को टीकमगढ़ से अलग नहीं किया जा सकता है।

कहां होगी नई कलेक्टोरेट
जिला प्रशासन ने निवाड़ी में नई कलेक्टोरेट के लिए दो स्थानों को चुना है। हालांकि अभी जगह फाइनल नहीं की गई है। निवाड़ी तहसील के पीछे माडल स्कूल के पास सरकारी जमीन पड़ी है। वहां कलेक्टोरेट भवन बनाया जा सकता है। इसके अलावा कॉलेज के पास भी पर्याप्त सरकारी जमीन है। शुरुआती दिनों में माडल स्कूल को अस्थाई कलेक्टोरेट बनाया जा सकता है।

टीकमगढ़ में विरोध
इधर कुआं उधर खाई, क्योंकि टीकमगढ़ वासी भी रामराजा सरकार और ओरछा को न अलग किए जाने का तर्क दे रहे हैं। उनका भी अपना तर्क है कि राजशाही के समय से ही ओरछा टीकमगढ़ रियासत का हिस्सा था और आज भी वह अविभाज्य रहना चाहिए।

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