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बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय कर रहा मॉनीटरिंग

3 वर्ष पहले
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मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय अब प्रदेश की जिला अस्पतालों की मॉनीटरिंग करने लगा है। इसी के चलते अब जिला अस्पताल आने वाले मरीज को ओपीडी में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ रहा है। ओपीडी में अपना मोबाइल नंबर न देने पर संबंधित मरीज का पर्चा प्रिंट नहीं होगा। ओपीडी में पदस्थ कर्मचारियों के अनुसार गांव के अधिकांश लोगों के पास मोबाइल नहीं होता है। ऐसे में कंपनी के निर्देशन के अनुसार हमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ता है। जब तक सॉफ्टवेयर में मोबाइल नंबर नहीं डाला जाएगा तब तक पर्चे का प्रिंट नहीं निकाला जा सकता। ओपीडी काउंटर पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करवाने के बाद उस पर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अस्पताल विजिट के दौरान मरीज के क्या अनुभव रहे इस पर अपनी राय देना होगी। इसके लिए मरीजों के पास बकायदा मैसेज और कॉल आएगा।

अगर कोई मरीज मैसेज का रिप्लाई नहीं कर पाता है तो उसके पास कंपनी की तरफ से कॉल भी किया जाता है। जिस पर संबंधित मरीज अपनी राय दे सकता है। कंपनी के मैनेजर अजय प्रजापति ने बताया कि कंपनी द्वारा प्रदेश के सभी अस्पतालों में धीरे-धीरे इस सुविधा को शुरू किया जा रहा है। जिससे जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा सके।

मरीज मैसेज और कॉल के माध्यम से जिला अस्पताल के अनुभव कर सकते हंै शेयर

डॉक्टर का न होना सबसे बड़ी समस्या

जिला अस्पताल में चेक करवाने आए मरीज राकेश रैकवार ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या डॉक्टरों की है। अस्पताल की अन्य सुविधाएं तो ठीक हैं। अगर समय से डॉक्टर मिलने लगे तो मरीजों की समस्या ही खत्म हो जाएगी। वहीं मरीज नम्रता प्रजापति का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के मैसेज पर रिप्लाई करने से अगर कोई सुधार होता है तो यह बड़ी ही अच्छी बात है। ऐसे में लोगों को मैसेज का रिप्लाई जरूर करना चाहिए।

भास्कर संवाददात | टीकमगढ़

मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय अब प्रदेश की जिला अस्पतालों की मॉनीटरिंग करने लगा है। इसी के चलते अब जिला अस्पताल आने वाले मरीज को ओपीडी में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ रहा है। ओपीडी में अपना मोबाइल नंबर न देने पर संबंधित मरीज का पर्चा प्रिंट नहीं होगा। ओपीडी में पदस्थ कर्मचारियों के अनुसार गांव के अधिकांश लोगों के पास मोबाइल नहीं होता है। ऐसे में कंपनी के निर्देशन के अनुसार हमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ता है। जब तक सॉफ्टवेयर में मोबाइल नंबर नहीं डाला जाएगा तब तक पर्चे का प्रिंट नहीं निकाला जा सकता। ओपीडी काउंटर पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करवाने के बाद उस पर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अस्पताल विजिट के दौरान मरीज के क्या अनुभव रहे इस पर अपनी राय देना होगी। इसके लिए मरीजों के पास बकायदा मैसेज और कॉल आएगा।

अगर कोई मरीज मैसेज का रिप्लाई नहीं कर पाता है तो उसके पास कंपनी की तरफ से कॉल भी किया जाता है। जिस पर संबंधित मरीज अपनी राय दे सकता है। कंपनी के मैनेजर अजय प्रजापति ने बताया कि कंपनी द्वारा प्रदेश के सभी अस्पतालों में धीरे-धीरे इस सुविधा को शुरू किया जा रहा है। जिससे जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा सके।

मोबाइल पर यह भेजा जाता है मैसेज

ओपीडी काउंटर में कार्यरत प्रदीप पस्तोर ने बताया कि जिला अस्पताल टीकमगढ़ आने वाले मरीज को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मैसेज भेजा जाता है। जिसमें मरीज को अस्पताल आने के लिए धन्यवाद ज्ञापित होता है। वहीं अस्पताल के अनुभव के बारे में मरीज की राय जानने की काेशिश की जाती है। प्रदीप ने बताया कि मरीज की राय से भविष्य में बेहतर सेवा देने में मदद मिलेगी। मरीज की द्वारा दी जाने वाली जानकारी पूरी तरह से गोपनीय होती है। मरीज अस्पताल के अपने अनुभव से कितने संतुष्ट हैं? अपना जवाब भेजने के लिए, टाइप बहुत संतुष्ट के लिए 1, ‘संतुष्ट’ के लिए 2, असंतुष्ट के लिए 3 टाइप करके संबंधित नंबर पर भेज सकते हैं।

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