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ओरछा में भारतीय फिल्म महोत्सव के दौरान सिखाई जा रहीं थियेटर की बारीकियां

3 वर्ष पहले
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भारतीय पुरातत्व महत्व की नगरी ओरछा में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुित देते मुंबई के फिल्म कलाकार।

शामिल हुए जाने-माने फिल्म सितारे

भास्कर संवाददाता | टीकमगढ़

प्रयास प्रोडक्शन मुंबई और रुद्राणी कला एवं शोध संस्थान के सह-संयोजन से शुरू भारतीय फिल्म महोत्सव ओरछा “18 से 22 मई” का आज तीसरा तीन था जिसमें मुंबई के फिल्म कलाकारों और फिल्म प्रोडूसर सहित निर्देशकों ने शिरकत की। इस फिल्म महोत्सव की सबसे ख़ास बात यह है कि इसमें फिल्मों के प्रदर्शन के साथ कला के आयाम जैसे ललितकला, चित्रकला, साहित्य, थियेटर, योग-आध्यात्म को भी शामिल किया है|

भारतीय पुरातत्व महत्व की नगरी ओरछा में जहां इन दिनों तापमान शबाव पर है वहीं इस फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने वाले नवोदित युवा फिल्मकारों और फिल्म को अपना करियर बनाने के जुनूनी नौजवानों का जज्बा भी कम नहीं।

रविवार की सुबह योगगुरु इंद्रजीत सिंह लोधी ने फिल्म महोत्सव में शामिल लोगों को योग ट्रेनिंग दी। सुबह 10 बजे से स्टूडियो-1 में शुरू फिल्म एवं थियेटर एप्रिसिएशन वर्कशॉपस पर छात्रों को फिल्म थियेटर की बारीकियों से रू-ब-रू करवाते है प्रोफेसर मनोहर खुशलानी जी । दूसरी ओर टपरा टॉकीज-2 में नवोदित फिल्मकरों की फिल्मों का प्रदर्शन लगातार 1 बजे तक हुआ| नवोदित फिल्मकारों की फ़िल्में और उनके मुद्दे वहां उपस्थित फिल्मकारों और दर्शकों को भी सोचने पर मजबूर कर देते है।

आयोजनकर्ता फिल्म एक्टर-निर्माता राजा बुंदेला जी और श्रीमती सुष्मिता मुखर्जी के अनुसार इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र के युवायों को, विशेषकर जो फिल्म जगत में अपने भविष्य की तलाश कर रहें है, उन्हें एक बड़ा मंच देना है। बुंदेला के अनुसार वो और उनकी धर्म प|ि फिल्म जगत से ताल्लुक रखते हैं| तो इस फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से वो समाज को अच्छी और सार्थक फ़िल्में लौटने के साथ नए फिल्मकरों को दिशा प्रदान कर रहे हैं|

शाम 7 बजे से रात्री 11 बजे तक रुद्राणी कलाग्राम की शाम रही रंग-संस्कृति के नाम| जिसमें स्थानीय कलाकरों की प्रस्तुति के साथ भोपाल से आये मिमिक्री कलाकार श्री गुड्डू चार्ली जी ने दर्शकों को खूब हंसाया| लोक की कलाकारों की प्रस्तुतियों में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही बुंदेलखंड की शान प्रसिद्ध गीतकार श्री जयकारन निर्मोही जी और उनकी टीम की प्रस्तुति और बुन्देली भाषा में मंचित और देव्दंत बुधोलिया द्वारा निर्देशित नाटक- धड्कोला की प्रस्तुति।

टपरा टाकीज-2 में

आज प्रदर्शित फ़िल्में

आरक्षण (निर्देशक- श्री रचीं अग्रवाल, दिल्ली)

बेंड बाजा बाबू चक- ( गुजराती फिल्म, निर्देशक- श्री राहुल तिवारी, भोपाल)

ब्लड डोनेशन- (निर्देशक- श्री कुलदीप लोहिया)

सुट्टा- (निर्देशक- अंकित, भोपाल)

भारत- (निर्देशक- राहुल खाड़िया)

जान है तो जहाँ है- (निर्देशक- हरीश पटेल)

बिरयानी- (निर्देशक- नेहा परिहार, इटारसी)

उबंतू (निर्देशक- सुनील सोहनीय और अपूर्व शुक्ल, भोपाल)

मुंबई से आए

फिल्मकार

कलाकारों में प्रमुख हैं- फिल्मकार श्री केतन आनंद जी, फिल्म-अभिनेता राजित कपूर जी, फिल्म लेखक- श्री विवेक मिश्र जी, निर्देशक श्री पवन शर्मा, गजेन्द्र श्रोती, राहुल तिवारी, असमी और उड़िया प्रोडूसर श्री रवींद्र राजावत जी। आज भारतीय फिल्म महोत्सव ओरछा के मंच से मुंबई से आये फिल्मकारों का स्वागत सम्मान हुआ। साथ में डॉ. नीति शास्त्री जी(राष्ट्रपति सम्मानित) और श्री उमेश यादव जी(स्थानीय समाजसेवी) का भी मंच से सम्मान हुआ।

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