नगर की आबादी को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदर लाल पटवा सरकार ने नेवरा में नलजल योजना के अंतर्गत पानी टंकी का निर्माण किया था। इससे सिंधी कैंप नेवरा बाजार पारा, गोवर्धन नगर नेवरा बस्ती, मोहभट्टा पारा आदि वार्डों में पानी सप्लाई की जाती थी। जैसे-जैसे आबादी बढ़ी, वैसे-वैसे लगातार जलसंकट नगर में बढ़ता गया।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा जैन के कार्यकाल में नगर की आबादी को देखते हुए सोमनाथ से पाइपलाइन का विस्तार कर नगर की जनता का प्यास बुझाने लगाया गया पानी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। वहीं जिस टंकी से नगर की जनता की प्यास बुझनी चाहिए, उससे नगर पालिका द्वारा निर्मित नया गार्डन व पुराने गार्डन में दिनरात पेड़-पौधों को सींचा जा रहा है। जबकि गार्डन में पानी के लिए पालिका प्रशासन द्वार अन्य व्यवस्थाएं कर सिंचाई की जा सकती थी, लेकिन 3 महीनों से टंकी से गार्डन में दिनरात सींचा जा रहा है।
वार्ड-14 के पार्षद विजय सोनू मारखण्डे व वार्ड-6 के पार्षद दीपक राठी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र पात्रे पर नगर की जनता को पीने के पानी की लगातार सप्लाई नहीं देने पर आक्रोश व्यक्त किया। दोनों पार्षदों ने सोमनाथ एनीकट से नेवरा में पानी टंकी से नलों की सप्लाई बंदकर गार्डन में सप्लाई की निंदा की है। साथ ही शहर की जनता को नियमित 3 वक्त नलों से पानी सप्लाई की मांग की है।
नगर में गर्मी में नगर पालिका द्वारा जिस प्रकार से पानी सप्लाई होनी चाहिए, वह नहीं हो रही है। सुबह-शाम शहर के नल जरूर खुलते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी वार्डवासियों को नहीं मिल पा रहा है। तिल्दा के वार्ड-3, 4, 6, 8, 9 10, 11, 12, 13, 14, 15 और 17 ऐसे अनेक वार्ड हैं, जहां नलों में पानी की समस्या बरकरार है। वहीं नगर में गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल की समस्या से निपटने के लिए करीब 25 लाख रुपए के बोर खनन विभिन्न वार्डों में करवाए गए हैं। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी इन बोर पंपों में हैंडपंप तक पालिका प्रशासन ने नहीं लगवाए हैं। इसके कारण विभिन्न वार्डों में लोगों को पीने के पानी की असुविधा हो रही है।
नगर के अधिकांश पार्षदों ने शहर में पेयजल संकट को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करवाया है व गार्डन चौपाटी को बचाने तत्काल गार्डन में नलकूप खनन की मांग कर पानी की टंकी से गार्डन में हो रही निरंतर सप्लाई पर रोक लगाने की मांग की।
तिल्दा-नेवरा. पानी की टंकी से पालिका द्वारा बनाए गए गार्डन की सिंचाई करता चौकीदार।
लाखों खर्च कर बनाया गार्डन पर बोर खनन में कंजूसी
नगर के लोगों का कहना है करोड़ों रुपए गार्डन और चौपाटी के विकास में खर्च किए गए, मगर लाखों रुपए के पौधों को बचाने के लिए हजारों रुपए के बोर खनन कराने में नगर पालिका प्रशासन कंजूसी कर रहा है। जबकि शहर में करोड़ों रुपए 20 वर्षों में बोर खनन में खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन गार्डन की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए पानी पर ध्यान तक नहीं दिया गया। नगर पालिका परिषद के विभिन्न पार्षदों ने नपा अधिकारी के खिलाफ संकट को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पालिका अधिकारी से नगर की जनता परेशान हो चुकी है।
14 करोड़ की पेयजल विस्तार योजना महीनों से हुई मंजूर
हाल ही में 14 करोड़ की लागत से पेयजल विस्तार योजना तिल्दा-नेवरा के लिए स्वीकृत हुई है पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा योजना पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि समय रहते पेयजल योजना का विस्तार कर लिया जाता है तो नगर की जनता को पानी के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत ही नहीं पड़ती।