पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सिंचित को असिंचित भूमि बताया, कम मिल रही सूखा राहत राशि

सिंचित को असिंचित भूमि बताया, कम मिल रही सूखा राहत राशि

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ग्राम सतभांवा के किसानों ने पटवारी पर सिंचित भूमि को असिंचित भूमि बताने का आरोप लगाया है। इसके चलते किसानों को सूखा राहत राशि 6700 रुपए कम मिल रही है। इस मामले को लेकर किसान अब कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के पास जाने की तैयारी कर रहे हैं।

किसान रमेश वर्मा, दिलीप वर्मा, टेकराम निर्मलकर, गोपाल साहू, भगवती रजक, अर्जुन वर्मा ने बताया कि सतभांवा में नहर नाली से खेतों में सिचाई के लिए पानी पहुंचता है। यही से होकर नहर नाली भैंसा गया है। भैंसा के किसानों को भी सिंचित भूमि पर लगे फसल की क्षतिपूर्ति राशि दी जा रही है। प्रशासन द्वारा सिंचित भूमि को 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर क्षतिपूर्ति राशि दी जा रही है, वहीं असिंचित भूमि को 6800 रुपए दिया जा रहा है। सेवा सहकारी समिति चांपा के कर्मचारियों ने बताया कि सूखा राहत के लिए सतभांवा के किसानों की सूची सहकारी समिति को मिली है, जिसमें 270 का नाम शामिल है। किसानों के बैंक खाता का मिलान किया जा रहा है। वहीं तिल्दा तहसीलदार योगेंद्र वर्मा ने बताया कि पटवारी एवं एसडीएम की रिपोर्ट के अनुसार शासन को असिंचित भूमि की सूची भेजी गई है।

खबरें और भी हैं...