नकटी में दो हैंडपंप, तालाब में बचा कम पानी
तिल्दा नेवरा| ग्राम नकटी, मढ़ी, गैतरा, ताराशिव, खपरी में पेयजल और निस्तारी की समस्याएं हैं। जलसो पंचायत के आश्रित ग्राम नकटी में सात वार्ड हैं। गांव में दो हैंडपंप तथा एक सौर ऊर्जा बोर पंप चालू है। तालाब में कम पानी होने से बैठ कर नहाना पड़ता है। गांव में दो तालाब हैं, एक बड़ा और दूसरा बांस डबरी में कम पानी बचा है, जो गंदा हो गया है। उसी में ग्रामीण मवेशियों को नहलाते हैं।
अमोली बंजारे, संजू वर्मा, प्यारे लाल बंजारे ने बताया कि गांव के बड़े तालाब में बोर पंप लगा है, उससे भी बहुत कम पानी आता है। तालाब में बहुत ही कम पानी है, नहाने से खुजली भी होती है। इसी तलाब में मवेशी भी निस्तार करते हैं। पीने का पानी घरों में लगे बोर पंप से लाते हैं, लेकिन प्रमुख समस्या निस्तार का है। गैतरा ग्राम पंचायत के आश्रित खपरी सात वार्डों में बंटा है। गांव में पीने के पानी एवं निस्तार की समस्या है। गांव का पैठू तालाब से सूख गया है। तालाब में लगा बोर पंप खराब पड़ा है। उक्त तालाब के बगल में एक तालाब है, जिसमें भी कम पानी बचा है। सुनील पाल, मंगलू वर्मा, चोवा राम पाल, डिगंबर पाल, ईश्वर पाल ने बताया निस्तार की प्रमुख समस्या है।
तिल्दा के आसपास गांवों में निस्तारी की समस्याएं
तिल्दा नेवरा. खपरी का हथुवा तालाब सुखने की कगार पर है।
नालियों का गंदा पानी महामाया तालाब में जा रहा
गैतरा की भी प्रमुख समस्या निस्तार की है। गांव में प्रमुख एक ही महामाया तालाब है, जिसमें बोर पंप लगा है। ग्रामीण प्रेमलाल वर्मा, चरण वर्मा, गणेश वर्मा और श्रवण वर्मा ने बताया कि गांव के महामाया तालाब का पानी गंदा हो गया है। नहाने से खुजली भी होती है। इसी तालाब में मवेशी भी निस्तार करते हैं। घरों और शौचालय के गंदा पानी को नालियों में बहा दिया जाता है, जो गलियों से इसी तालाब में जाने से दूषित और कीचड़युक्त हो गया है। इसके कारण नहाने से खुजली भी होती है।
चार हैंडपंप के भरोसे 4 हजार की आबादी
ताराशिव में भी निस्तार की प्रमुख समस्या है। गांव के प्रमुख बिसाहु बंध तालाब में बहुत कम पानी बचा है। ग्रामीण घनश्याम वर्मा, दाउलाल वर्मा, जगमोहन साहू, प्रहलाद वर्मा, खम्हन साहू और रामचंद्र वर्मा ने बताया कि तालाब में बोर पंप नहीं है। पानी कम और गंदा होने से नहाने से खुजली भी होती है। इसी तालाब में मवेशियों को निस्तार के लिए लाते हैं। पूरे गांव में चार हैंडपंप चल रहे हैं। गांव की आबादी 4 हजार है। घरों के बोर पंप से पानी लाते हैं। पीने के पानी की भी समस्या है।