साफ चना नहीं लाने पर समिति प्रबंधक व किसानों में हुई बहस, लगवाया छन्ना
समर्थन मूल्य पर मंगलवार से शुरू हुई चने की खरीदी पहले ही दिन विवादों में आ गई। समिति प्रबंधक ने गुणवत्ता का हवाला देते हुए किसानों से साफ चना फसल लाने की बात कही। इससे दोनों के बीच विवाद हो गया। बाद में समिति द्वारा किसानों से छन्ना लगाने के बाद ही उपज खरीदी। इससे किसान काफी आक्रोशित है।
कृषि उपज मंडी में मंगलवार से समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी शुरू हुई और पहले दिन तीनों समितियों ने 24 किसानों से 2500 क्विंटल चना खरीदा। जिला सहकारी समिति छिदगांव, बाजनिया और मनियाखेड़ी समिति द्वारा उपज खरीदी जा रही है। इसमें पहले छोटे किसानों को मैसेज देकर बुलाया जा रहा है। गोंदागांव के किसान के चने में डंठल होने पर समिति प्रबंधक ने छन्ना लगवाया। इससे किसान नन्हेलाल और समिति प्रबंधक विवेक दीक्षित के बीच बहस हो गई। इस दौरान मंडी में मौजूद अन्य किसान भी आक्रोशित हो गए। उन्हें शांत कराया और झाडू से डंठल हटवाने के बाद फिर तुलाई हुई।
मनियायाखेड़ी समिति प्रबंधक हरिशंकर रायखेरे ने बताया किसान का कितना रकबा है और उससे कितनी खरीदी करना है, इसकी सूची अभी तक समितियों में नहीं आई है। इससे परेशानी आ रही है। इस कारण तुलवाई को लेकर असमंजस है।