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देवलेन-जयसिंहपुरा-तिलहरीकापुरा-कैमला-बीलई-पाडला व खेड़ाजमालपुर में श्रीमद् भागवत कथाएं शुरू

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | हिंडौन ग्रामीण

गांव खेड़ाजमालपुर के श्रीमहावीरजी रोड स्थित तपोभूमि आश्रम पर रविवार से शुरू हुई श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं अठारहवें नौ कुण्डीय श्री लक्ष्मी महायज्ञ के लिए कलश यात्रा निकाली गई।

खेड़ा के श्रीमहावीरजी रोड पर पंडित सतीशचंद शास्त्री के तपोभूमि आश्रम पर अठारहवां नौ कुण्डीय श्री लक्ष्मी महायज्ञ एवं श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस दौरान प्रातः नौ बजे यज्ञाचार्य कपिल शास्त्री एवं भागवताचार्य पंडित सतीश चंद शास्त्री सहित दर्जनों विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश पूजन कराया और कलश यात्रा को रवाना किया। गांव के सैकडों बुजुर्ग और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में 251 महिलाओं ने कलश बांधकर कलश यात्रा में भाग लिया।

कैमला| कैमला में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक रमेशचंद शर्मा के आवास पर शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर बैंडबाजों के साथ कलशयात्रा निकाली गई। कलशयात्रा से पूर्व भागवताचार्य देवी प्रकाश शास्त्री ने ध्वज, सालिगरामजी व श्रीमद्भागवत ग्रंथ का पूजन कराया। कलशयात्रा सेठजी के शिवालय से शुरू होकर मुख्य बाजार, पूर्वियावास, राजपूत मोहल्ला, संस्कृत स्कूल व तालाब वाले हनुमान मंदिर के रास्ते होकर कथा स्थल पहुंची। कलश यात्रा मे आगे-आगे युवक धर्म ध्वज लिए चल रहा था उसके पीछे सैकड़ों महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण किए चल रही थी वहीं यजमान रमेश चन्द शर्मा भागवत को सिर पर धारण किए चल रहे थे, भागवताचार्य देवी प्रकाश शास्त्री घोड़ी पर सवार थे वहीं उनके पीछे-पीछे युवा धार्मिक गीतों पर नाचते हुए चल रहे थे। कथा के पहले दिन आचार्य देवी प्रकाश शास्त्री कैमला वाले ने भागवत सुनने का महात्म्य, शुकदेव जन्म व गौकर्ण की कथा सुनाई। आचार्य ने कहा कि मानव को जीवन मे भागवत कथा अवश्य सुननी चाहिए।भागवत सुनने से मनुष्य जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्त हो जाता है व जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।

श्रीमहावीरजी ग्रामीण| गांव बीलई में भागवतकथा के शुभारंभ पर बैंडबाजों के साथ कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 101 महिलाएं सिर पर कलशों को रखकर शामिल हुईं। आयोजन से जुडे प्रहलाद उपाध्याय ने बताया कि कलश यात्रा का कई स्थानों पर स्वागत किया गया। गांव की परिक्रमा कर कलश यात्रा हनुमान मंदिर पहुंची। जहां आचार्य छैलबिहारी शास्त्री ने पूजा अर्चना करवाई।

टोडाभीम. पाडला में भागवत कथा के शुभारंभ पर निकाली गई कलश यात्रा में झूमती महिलाएं।

श्रीमहावीरजी ग्रामीण. बीलई में भागवत कथा के शुभारंभ पर निकाली कलश यात्रा।

ठंडा पिला कर जगह-जगह स्वागत

टोडाभीम|
के गांव पाडला में रविवार को श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ विशाल कलशयात्रा का आयोजन किया गया जिसमें बैंडबाजे के साथ सैकडों ग्रामीण महिलाओं ने अपने सर पर मंगल कलश सजा कर गांव की परिक्रमा की। कलशयात्रा के निर्धारित कार्यक्रम 8 बजे से एक घंटे पूर्व ही कलशयात्रा में भाग लेने के लिए महिलाओं का बगीची में पहुंचना शुरू हो गया था और कुछ देर में ही यहां मंदिर के आसपास महिलाओं का हुजूम दिखाई दिखाई देने लगा। 8.15 पर भागवताचार्य पंडित बालकिशन शास्त्री ने कलश पूजन के साथ जैसे ही कलशयात्रा का रवानगी दी वैसे ही यहां मौजूद ग्रामीण भक्तों के द्वारा लगाए गए जयकारों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। बगीची से रवाना होकर यह गांव पाडला, टुडावली, जागीर होते हुए कथा स्थल पाडला खालसा पहुंची। रास्ते में श्रद्धआलुओं काे लस्सी, सीकंजी, मिल्करोज तथा ठंडा पेय पिलाकर जगह-जगह स्वागत किया गया।

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