साण्डला गांव में कई समय से पेयजल से झूझ रही महिलाओं की समस्या का हल नही किया तो शनिवार को गुस्साई महिलाओं ने गांव से जारहे स्टेट हाइवे पर जाम लगा दिया। इससे सडक के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। सूचना पाकर एक घंटे बाद आए थाने के सीआई उदयसिंह ने महिलाओं को काफी समझाने के बाद रास्ते के अवरोधक हटाया।
यूं तो सरकार ने गांव में बीसलपुर ग्रामीण पेयजल योजना व जलदाय विभाग की पी.एण्ड टी. योजना केरली से पेयजल सुविधा मुहैया करवाई थी, लेकिन दोनों ही योजना से गांव में पानी बंद हो गया। गांव में केवल दो ही हैंडपंप है। इनमें भी एक खराब है। दूसरे का पानी मटमेला है। मजबूरन ग्रामीणों को इसी हैंडपंप से पानी लेना पड़ रहा है।
कई बार तो हैंडपंप पर इस पानी को लेने में भी आपस में झगडा व मनमुटाव हो जाता है। इससे परेशान होकर महिलाओं ने सुबह गांव मेसे होकर जारहे स्टेट हाइवे रोड पर अवरोधक लगा चक्का जाम कर दिया। इससे टोंक व टोडारायसिंह की ओर से आरहे रोडवेज बस सहित कई वाहनों की कतारे लग गई। इससे इस भीषण गर्मी में यात्रियों को काफी परेशानी हुई। करीब एक घंटे बाद पहुंचे पुलिस थाने के सीआई उदय सिंह ने महिलाओं से समझाइस की। उधर महिलाओं ने जलदाय के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या हल करवाने के आश्वासन के बाद ही अवरोधक हटाया। इस पर सीआई उदय सिंह ने जलदाय के एईएन दिनेश कुमार मीणा व जेईएन हर्मेन्द्र प्रजापत को मौके पर बुलाया। इस दौरान महिलाओं ने बताया कि गांव में करीब 150 घरों की आबादी है। बीसलपुर ग्रामीण पेयजल योजना का भी नल कनेक्शन काट दिया है। केरली गांव की पी एण्ड टी योजना से आरहा पानी भी बंद है। जब भी आता है प्रयाप्त नही आता है। पूरे गांव में अभी केवल एक ही हैंडपंप है। उसका भी पानी पीने योग्य नही है। लेकिन मजबूरी में उसी का पानी पीना पड़ रहा है।
बीसलपुर परियोजना का कनेक्शन काटने से बढ़ी परेशानी, एक हैंडपंप के भरोसे पूरा गांव, थाने के सीआई व जलदाय के इंजीनियरों के ठोस आवश्वासन के बाद खोला यातायात
टोडारायसिंह. साण्डला गांव में स्टेट हाइवे पर पानी के लिए रोड जाम करती महिलाएं।