एसडीएम नहीं मिले दफ्तर में, गुस्सा फूटा
कस्बे के वार्ड नंबर 11 व 12 में पेयजल संकट के चलते बुधवार को महिलाओं ने जलदाय कार्यालय के बाहर केकड़ी मार्ग पर अवरोधक लगा कर चक्का जाम कर दिया। इससे वाहनों की कतारें लग गई। सूचना पर पहुंचे जलदाय के जेईएन व पुलिस की आश्वासन के आधा घंटे बाद अवरोधकों को हटा कर रास्ता बहाल किया।
वार्ड 11 व 12 की मुस्लिम समुदाय की सैकड़ों महिलाएं एसडीएम को ज्ञापन देने एसडीएम दफ्तर पहुंची। वहां ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी नहीं मिला। उनको वहां बताया गया कि सभी अधिकारी राजस्व कैम्प में गए हुए है। इस पर उनका गुस्सा और अधिक फूट पड़ा और वे सभी वहां से जलदाय कार्यालय के बाहर पहुंच गई। वहां आसपास में पड़े टेलीफोन के पोलों को उठा कर सड़क पर जाम लगा दिया। सड़क पर जाम लगते ही दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई।
टोडारायसिंह के वार्ड 11 और 12 में पानी का संकट, महिलाओं ने केकड़ी मार्ग किया जाम
टोडारायसिंह. केकडी मार्ग पर जाम लगा कर वाहनों को रोकती महिलाए।
वाहन रोकने की जद्दोजहद में महिला जख्मी : कई वाहन चालक तो परेशान होकर अवरोधकों के ऊपर से ही वाहन को निकालना शुरू कर दिए। इस दौरान महिलाएं वाहनों को रोकने का प्रयास करती रही। इस जद्दोजहद में एक महिला के पैर में चोट भी आ गई। गनीमत रही समय पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आकर महिलाओं को काफी समझाया। करीब आधे घंटे के बाद आश्वासन पर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ। तभी पुलिस ने अवरोधकों को हटा कर रास्ते को बहाल किया।
जेईएन को सौंपा ज्ञापन : बाद में सभी महिलाओं ने जलदाय कार्यालय जाकर जेईएन केदार मीणा को ज्ञापन सौंप अविलंब समस्या समाधान करने की गुहार लगाई। उधर, जेईएन मीणा ने भी उसी समय कार्मिकों को वार्ड में भेजकर पेयजल समस्या समाधान हेतु कार्रवाई शुरू करवाई। तब जाकर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ।
गुहार जेईएन साहब, रमजान का माह शुरू होने वाला है, इसमें तो व्यवस्था सुधार दो...
सूचना पाकर जलदाय कार्यालय से जेईएन केदार मीणा मौके पर पहुंचे। जेईएन मीणा के मौके पर पहुंचते ही महिलाओं ने उनको घेर लिया और पानी की समस्या को लेकर खरी खरी सुनाते हुए कहा कि वार्ड 11 व 12 में नई पाइप लाइन डालने के बावजूद भी पानी नहीं आ रहा है। डाली गई पाइप लाइन की साइज बहुत छोटी है। नलों में मात्र 10 मिनिट ही पानी छोड़ा जाता है। गुरुवार से रमजान का महीना शुरू हो रहा है। इसमें तो व्यवस्था सुधार दो। इस पर जेईएन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अभी वे मौके पर जाकर समस्या का समाधान करवा देंगे। सड़क पर जाम लगाना समस्या का हल नहीं है। लेकिन उन्होंने उनकी एक नहीं सुनी और रास्ता अवरुद्ध रखा। इस बीच वाहनों का आवागमन अवरुद्ध रहा।