नगर पार्षदों को सेवाकाल के बाद पेंशन की मांग लेकर नगर पार्षदों द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। जिस पर सभी ने सहमति जताते हुए प्रदेश भर में पार्षदों को इस मुहिम से जोड़ने की योजना पर खाका तैयार किया गया। सभी राजनैतिक दलों तक इस मांग को पहुंचाने के लिए मांग पत्र देने पर भी सहमति बनी। कार्यकाल समाप्ति पर विधायक व सांसद की तर्ज पर पेंशन की मांग को लेकर प्रथम चरण में प्रदेश की सभी परिषदों तक निवेदन पत्र भेजा जाएगा जिसमें पार्षदों से अपील की जाएगी कि वो इस मांग को प्रमुखता से उठाते हुए अपने हाउस में इस विषय पर प्रस्ताव पास करें। प्रदेश भर में पार्षद अपने क्षेत्र के विधायक, सांसद व अन्य राजनीतिक दलों के नुमाइंदों को अपनी मांग को लेकर मांग पत्र सौंपे। वहीं राज्यपाल व मुख्यमंत्री को भी यथा संभव मांग पत्र भेजा जाए। पूर्व व वर्तमान पार्षदों का कहना है वो जनता, सरकार व प्रशासन को जोड़ने की प्राथमिक सीढ़ी हैं उनका अधिकांश समय जनता की सेवा में बीतता है पर एक लंबी परंपरा चली आ रही है जिसमें पार्षद को नाममात्र का मानदेय मिलता है वही सेवाकाल के बाद पेंशन का भी कोई प्रावधान नहीं है। पार्षदों ने कहा कि यह उनके मान सम्मान व स्वाभिमान का है। बता दें कि इस विषय पर हाईकोर्ट में भी मामला विचाराधीन है जिसमें 3 अगस्त 2018 सरकार को पक्ष रखने के लिए कहा है। इस मौके पर ईसर सिंह, रमेश गुलाटी, राकेश सैनी, सुरेश सेठी, कर्मवीर, सुरजीत जीती, रजनीश जैन, राजू ठकराल व नवल सिंह आदि उपस्थित थे।