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माली समाज का मांडकला में विवाह सम्मेलन आखातीज को

3 वर्ष पहले
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माली (सैनी ) सामूहिक विवाह सम्मेलन 17 व 18 अप्रैल को मांडकला में आयोजित किया जाएगा। इसमें करीब 41 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। कल्याण महाराज मंदिर मांडकला के तत्वावधान में स्थान रामसागर, मालीपुरा, हीरापुरा के तालाब के पेटे में रूंडी के सामने (आखा तीज) को आयोजित होने वाले विवाह सम्मेलन की तैयारियां इन दिनों जोरों पर है। विवाह सम्मेलन समिति के हेमराज सैनी ने बताया कि 17 व 18 अप्रेल, 2018 (आखा तीज) पर विवाह समारोह सम्पन्न होगा। इसमें जिले व अन्य जिले से समाज के लगभग 20 से 25 हजार व्यक्ति विवाह सम्मेलन में भाग ले सकेंगे। सम्मेलन के अवसर पर 17 अप्रैल को सुबह भव्य कलश यात्रा एवं शाम को पहरावणी, रात 8 बजे से सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम होगा आयोजित होगा।

जिसमें गायक कंचन सपेरा जयपुर, प्रकाश माली मेहंदवास, श्रवण सैदरी, नृत्य कलाकार अशोक पहाड़िया, जादूगर सांवर मल वैष्णव, कॉमेडी कलाकार मुकेश धेला, नृत्य कलाकार निशा जासवाल जोधपुर, अनिता कोटा, हंसा रंगीली जयपुर होगा मुख्य अतिथि कृ़षि मंत्री प्रभुलाल सैनी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान युवा बोर्ड अध्यक्ष भूपेन्द्र सैनी करेंगे। 18 अप्रैल को सुबह कल्याण महाराज के मन्दिर से वर यात्रा निकाली जाएगी और उसके बाद तोरण व फेरो का कार्यक्रम व आशीर्वाद समारोह कार्यक्रम होगा। सम्मेलन समिति के अध्यक्ष हेमराज सैनी, माली समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष व पार्षद रमेश गढ़वाल, उपसभापति अजय सैनी, शंकर लाल धुवारियां, पार्षद चौथमल सैनी, मुकेश सैनी, सीताराम टाक, पूर्व सदर अध्यक्ष चौथमल निवाईवाल, ग्राम सचिव शंकर लाल सैनी, बाबूलाल सैनी, बद्रीलाल डीलर, रामबाबू सैनी आदि तैयारियों में जुटे हुए हैं।

शिक्षक गोष्ठी में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला

निवाई| अंबेडकर जयंती पर लर्निंग रिर्सोस सेंटर अजीम प्रेमजी फ ांउडेंशन निवाई पर शिक्षक गोष्ठी आयोजित की गई। इस गोष्ठी में डॉ भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रोजेक्टर से फि ल्म दिखाते हुए चर्चा की गई। फ फाउण्डेशन के अनिल गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर वक्ताओं ने अम्बेडकर के बारे में विचार रखते हुए कहा कि लोग उन्हें संविधान निर्माता और दलितों की आजादी के मसीहा के रूप में ही ज्यादा जानते हैं पर डॉ अम्बेडकर इससे कहीं ज्यादा देशहित में कार्य करने वाले सजग चिंतनशील व्यक्तित्व थे।इस अवसर पर शिक्षकों ने डॉ अम्बेडकर के शिक्षा दर्शन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके विचारों की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। फाउण्डेशन के नवीन कुमार ने डॉ अम्बेडकर के शिक्षा दर्शन और उनके विचारों की आज के समय में प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। शिक्षकों का मानना था कि शिक्षक का कर्तव्य है अच्छे समाज के निर्माण की दिशा में अच्छी से अच्छी शिक्षा देते हुए बच्चों में नैतिक मूल्यों को स्थापित करे।

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