धीरज आज होंगे अंबेडकर न्याय पुरस्कार से सम्मानित
राज्य में सिविल राइट प्रोटेक्शन एक्ट में एससी-एसटी एक्ट जुड़वाने में अहम भूमिका निभाने वाले जिले के अधिवक्ता धीरज संगत को भारत र| बाबा साहब भीमराव अंबडेकर जयंती के अवसर पर जयपुर में सम्मानित किया जाएगा। जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से उन्हें अंबडेकर सामाजिक न्याय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राज्यपाल द्वारा दिया जाएगा। गरीब, दलित और पिछड़े तबके से जुड़े लोगों की समस्याओं के प्रति गंभीर रहे तथा बेबाकी के लिए जाने वाले एडवोकेट धीरज संगत को यह पुरस्कार उनकी समाज के लिए कि गई सेवाओं के लिए दिया जा रहा है। आरक्षित वर्ग के हितों के लिए संगत हमेशा आगे आते रहे हैं तथा अदालत के माध्यम से कई दलितों को न्याय दिलवाया है। राज्य में एससी-एसटी एक्ट 1995 लागू करवाने में उनकी अहम भूमिका रही।
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण नियम 1995 राज्य में लागू किया था। मगर यह एक्ट राज्य में लागू नहीं किया गया। इस एक्ट को राज्य में लागू करवाने के लिए एडवोकेट धीरज संगत ने राजस्थान उच्च न्यायालय पीठ जयपुर में याचिका दायर की। उसके बाद 2003 में राज्य में यह एक्ट लागू किया गया। धीरज 1985 से 1990 तक विद्यार्थी परिषद में टोंक जिला प्रमुख के पद पर रहे।