जैन समाज ने आदिनाथ भगवान को गन्ने का रस चढ़ाकर मनाया अक्षय तृतीया पर्व
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के प्रथम आहार दिवस के उपलक्ष्य में पुरानी टोंक स्थित पांचों जैन मंदिर में अक्षय तृतीया पर्व मनाया गया। जैन शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन राजा श्रेयांश ने मुनि आदिनाथ को प्रथम आहार दिया था इसके पूर्व आहार देने की विधि को कोई नहीं जानता था। इस दिन राजा श्रेयांश ने भगवान आदिनाथ को गन्ने का रस आहार के रूप में दिया था इसलिए इस दिन सभी जैन धर्मावलंबी मंदिर में गन्ने से बना गुड़ भगवान को चढ़ाते हैं। सुबह श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ का अभिषेक, शांतिधारा एवं नित्य नियम पूजा हुई।
भगवान को अष्ट द्रव्य, श्रीफल तथा 140 अर्ध्य चढ़ाए। इस अवसर पर मंजू सोनी, संजू बिलासपुरिया, मधु लुहाड़िया, चंद्रकांता जैन, संगीता जैन, संतरा सोनी, आशा बाकलीवाल, राजेश अरिहंत सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।
अलीगढ़ |पोरवाल जैन स्थानक भवन में बुधवार अक्षय तृतीय महोत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ आयोजित किया गया। महासती निष्ठा प्रभा ने कहा कि भगवान आदिनाथ को अक्षय तृतीया के दिन एक वर्ष की तपस्या पूर्ण करने पर उनके प्रपौत्र श्रेयांस कुमार ने इक्षुरस द्वारा पारणा करवाया। महासती ने भगवान आदिनाथ के जीवन से प्रेरणा लेकर इस दिवस को सार्थक बनाने हेतु प्रेरित किया। सुनीत कुमार जैन ने बताया कि भजन कार्यक्रम में आदिनाथ प्रभु का क्या कहना आदि भजन गाए। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक, श्राविकाएं मौजूद रहे।
टोंक