समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे गेंहू-चना-सरसों आदि कृषि जिंस को रखने के लिए जिले में नहीं, प्रदेश भर के वेयर हाउस खाली नहीं होने से सरकार को लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है। जिले के खरीद केंद्रों पर खरीदे गए गेंहू,चना,सरसों के 40 हजार से अधिक कट्टे खुले में रखे हुए है, जो आए-दिन बिगड रहे मौसम के चलते कुछ देर भी तेज बारिश हो जाए तो खराब हो जाएंगे। विदित रहे कि सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए 2 अप्रैल से जिले में नो केंद्रों पर खरीद केंद्र खोले थे। इन पर गेंहू,चना,सरसों आदि कृषि जिंस खरीदी जा रही है। शुक्रवार तक इन केंद्रों पर तीन लाख 34 हजार 393 कट्टे खरीदे जा चुके थे और यह खरीद जून माह तक चलेगी। इन कट्टों में से काफी कट्टों को तो बारिश समेत अन्य प्राकृतिक आदि आपदा से बचाने के लिए गत दिनों वेयर हाउस में रख दिया गया है,लेकिन वेयर हाउस की कमी के कारण अब इन केंद्रों पर खरीदा गया माल खुले में प्लेट फार्म पर रखा हुआ है।
जिले के नौ खरीद केंद्रों पर शुक्रवार तक गेंहू-चना-सरसों के खरीदे जा चुके 3 लाख 34 हजार कट्टे
बारिश आते ही खराब होने की आशंका
टोंक. कृषि उपज मंडी में सर्मथन मूल्य पर चना एवं सरसों की खरीद की जा रही है। मंडियों में खरीद के चलते हजारों कट्टे ख्ुले में ही पड़े हुए हंै।
शुक्रवार तक सरकारी कांटों पर कौनसी कृषि जिंस के कितने कट्टे खरीदे
जिले के नो सरकारी खरीद केंद्रों पर शुक्रवार तक गेंहू के एक हजार 119 कट्टे, चना के एक लाख 65 हजार 727 कट्टे, सरसों के एक लाख 67 हजार 557 कट्टे खरीदे जा चुके है।
कितने कट्टे वेयर हाउस में रखे जा चुके हैं
जिले के भी खरीद केंद्रों पर शुक्रवार तक तीन लाख 34 हजार 393 कट्टे खरीदे जा चुके है। इनमें से शुक्रवार तक 561 कट्टे गेंहू के, एक लाख 47 हजार 203 कट्टे वेयर हाउस में रखवा दिए गए है। जिले के नो खरीद केंद्रों पर शुक्रवार तक की रिपोर्ट के अनुसार गेहूं आठ किसान, चना दो हजार 560 किसान, सरसाें दाे हजार 81 किसान खारीद केंद्र पर बैच चुके है।
देवली में किराये पर लिया गोदाम,जल्द ही भेज दिया जाएगा
मार्केटिंग मैनेजर शीतल तर्क ने बताया कि वेयर हाउस की कमी बनी हुई है। टोंक खरीद केंद्र पर करीब पांच हजार कट्टे खुले में पडे हुए है। राजपेड ने देवली में किराये पर गोदाम लिया है। उसमें करीब 40 हजार कट्टे रखे जा सकते है। जल्द ही वहां खुले में रखे कट्टों को भिजवाया जाएगा।