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पीएम मोदी के मिशन पर खरा उतरा टोंक, खुले में शौच से हुआ मुक्त

3 वर्ष पहले
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देश को 31 मार्च तक खुले में शौच से मुक्त करने का पीएम मोदी के मिशन पर जिला प्रशासन खरा उतरा है। कलेक्टर,सीईओ के सुपरविजन में लगी स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने कड़ी मेहनत कर निर्धारित समय पर करीब सवा दो लाख टॉयलेट सरकारी अनुदान से बनवाकर जिले को ओडीएफ करवा दिया है। इस पर सरकार के करीब सवा दो अरब रुपए खर्च हुए है। इसी के साथ लंबे समय से खुले में शोच का दंश झेल रहे जिले के लाेगों को इससे छुटकारा मिल गया है।

विदित रहे कि लंबे समय से केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक देश को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए काफी प्रयासरत है। इसके लिए कई योजनाएं शुरू की गई। इसके तहत करोड़ों रुपए अनुदान पर खर्च किए गए है। गत सालों से यह काम स्वच्छ भारत मिशन के तहत किया जा रहा था। जिले में भी कलेक्टर सुबेसिंह यादव, जिला परिषद सीईओ ओमप्रकाश जांगिड, जिलाप्रमुख सत्यनारायण चौधरी, स्वच्छ भारत मिशन के कॉर्डिनेटर दामोदर बैरवा की देखेरख में यह काम आगे बढ़ा। शनिवार को खत्म होने वाले सत्र 2017-18 में 230 पंचायतों में से 162 पंचायतों सहित 6 नगर पालिका व एक नगर परिषद को ओडीएफ करना बड़ी चुनौती प्रशासन के पास थी, लेकिन कलेक्टर,सीईओ, जिलाप ्रमुख, स्वच्छ भारत मिशन के कॉर्डिनेटर समेत संबंधित नगर निकायों के आयुक्त, ईओ आदि की कड़ी मेहनत से इस लक्ष्य को आखिरी माह तक प्राप्त कर जिले को ओडीएफ करा लिया।

सत्र 2017-18 में अधिक ओडीएफ हुई पंचायतें व शहरी निकायें
जिले की ओडीएफ की स्थिति पर नजर डाले तो सबसे अधिक पंचायतों से लेकर नगर निकाय 2017-18 में अधिक ओडीएफ हुई है। जिले में सबसे अधिक पंचायतें ओडीएफ सत्र 2017-18 में 162 हुई है। वहीं सत्र 2015-16 में 14, सत्र 2016-17 में 54 पंचायतें ओडीएफ हुई थी। इसी तरह अधिकांश नगर निकायें भी 2017-18 में अधिक ओडीएफ हुई है।

औसतन दस हजार रुपए दिए सरकार ने प्रति टाॅयलेट पर
सरकार की ओर से जिले में भी टॉयलेट बनाने वालों को आठ हजार रुपए से लेकर बारह हजार रुपए की प्रति टॉयलेट बनाने पर सहायता राशि दी। इस सरकारी सहायता से जिले में सन 2014 से 31 मार्च तक करीब दो लाख बीस हजार टाॅयलेट बनाए गए।

बकाया राशि का ऑनलाइन भुगतान शुरू
सीईओ ने बताया कि कुछ माह से टायलेट बनाने में सरकार की ओर से दी जा रही आर्थिक सहायता के 47 करोड 57 लाख रुपए बाकी थे। अब उनका ऑनलाइन भुगतान शुरू हो गया। कुछ दिनों में सभी पात्र परिवारों को भुगतान हो जाएगा।

230 पंचायतें ओडीएफ हो गई
सीईओ ओमप्रकाश जांिगड ने बताया कि 2011-12 की गणना के बेस लाइन सर्वे के अनुसार शहरी क्षेत्र को छोड़कर सभी 230 पंचायतों को ओडीएफ करने के लिए एक लाख 90 हजार 327 टॉयलेट बनाने का लक्ष्य था। 2014 से अब तक यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया। सबसे अधिक करीब 50 फीसदी लक्ष्य इसी सत्र में प्राप्त किया है। इसके लिए सरकार ने करोडों रुपए खर्च किए है। प्रति टॉयलेट पर पात्र परिवार को 12 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी है।

सभी के प्रयास से जिला हो गया ओडीएफ
कलेक्टर सुबेसिंह यादव ने बताया कि जिला ओडीएफ हो चुका है। सरकार की ओर इसके लिए 31 मार्च तक का समय दे रखा था। जिले में समय रहते इस लक्ष्य को पूरा कर लिया है। सभी पंचायत समितियों समेत जिले की 6 नगर पालिका,एक नगर परिषद ओडीएफ हो गई है। यह सभी के सामूहिक प्रयासों से संभव हुआ है।

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