जिलेभर में पानी की समस्या दिनों दिन गहराती जा रही है। पानी को लेकर लोग जगह जगह प्रर्दशन कर रहे है। गत वर्ष मानसून में सामान्य से कम बारिश होने के कारण जहां भूजल स्तर धरातल में समाता जा रहा है। वहीं नलों में पानी की सप्लाई भी पानी की कमी के कारण गड़बड़ाई हुई है। हैंडपंप हाफते नजर आने लगे हैं तो कई जगह खराब भी पड़े हैं। शहर के कई िहस्सों में काफी पुरानी लाइनें है, जहां पानी की समस्याएं बनी हुई है। कहीं जगह दूषित पानी की शिकायतें भी है। हैंडपंपों पर पानी नीचे जाने के कारण वहां पर फ्लोराइड एवं क्लोराइड आदि की समस्याएं भी प्रबल हो रही है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष मानसून सत्र में जिले में औसतन बारिश सामान्य से कम हुई थी। जिसके बाद हालत ये हुए हैं कि फसलों के लिए भी पूरा पानी बांधों आदि से नहीं मिल सका। तालाबों आदि से भी लोगों ने सिंचाई के लिए पानी खींच लिया। जिसके कारण आसपास का जल स्तर काफी नीचे चला गया। पानी संकट की संभावनाएं पहले से ही जताई जा रही थी। लेकिन उसके बाद भी इस और गंभीरता से ध्यान नहीं दिए जाने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में पानी की समस्या से जुझना पड़ रहा है। यहां तक लोगों को अपना काम धंधा छोड़कर पानी के लिए भटकना पड़ रहा हैं। वार्ड 45 गोल डूंगरी में भी लोग पानी की समस्या से जुझ रहे हैं। लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। एक हैडपम्प है जिस पर पानी भरने के लिए दिनभर भीड़ लगी रहती है।
पानी के लिए जगह-जगह प्रदर्शन, बंमोर में गाड़ियां लुहार बूंद-बूंद को तरसे, नहीं हो रही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत, कई गांव टैंकरों को भरोसे
बमोर. अनपूर्णा पर दो दिन में सप्लाई के बाद पानी के लिए इंतजार करती महिलाएं।
टोंक. के धोलाखेडा गांव में बीसलपुर के पम्प हाउस के बाहर लगे नल पर पानी भरने वालों की लगी भीड़।
बूंद-बूंद पानी को तरसे
बंमोर रोड पर गाड़ियां लुहार परिवार बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। अपना काम छोड़कर परिवार का एक सदस्य तो पानी के लिए ही इधर-उधर भटकता रहता है। उनकी बस्ती के समीप एक हैंडपंप है, जिसमें पानी बहुत कम आ रहा है। पानी के लिए परिवार सुबह से शाम तक परेशान नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस बस्ती पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
अन्नपूर्णा क्षेत्र में किल्लत
अन्नपूर्णा क्षेत्र में भी लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। बाहर लगे नलों में दोपहर में लोग चिलचिलाती धूप एवं लू के थपेड़ों के बीच पानी भरने को मजबूर है। जहां पर दोपहर में ही पानी आता है। लोगों का कहना है कि दोपहर में पानी आता है, वो भी बेहद कम एवं कम दबाव से आने के कारण घंटों लग जाते हैं।
पंप हाउस के पास संकट
धोला खेडा क्षेत्र में जहां पर बीसलपुर पेयजल योजना के वाटर पंप हाउस स्थित है। जहां से शहर में पानी की सप्लाई की जाएगी। वहां पर लोग पानी के लिए दर दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।