उनियारा पंचायत समिति की आमली ग्राम पंचायत के तीन ग्राम पंचायत सहायकों की सेवा समाप्ति तथा चयन निरस्त करने के आदेश पर राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने शुक्रवार को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार तथा टोंक जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा सहित अन्य को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब तलब किया है। न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह अंतरिम आदेश आमली पंचायत के ग्राम पंचायत सहायक प्रकाश चन्द्र मीणा ओर दो अन्य द्वारा एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा के जरिये दायर की गई याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए दिए है। याचिका में बताया गया है याचिकाकर्ता 20 मई 2017 से कार्यरत है किंतु एक असफल अभ्यर्थी द्वारा एक चयनित के चयन के विरुद एक अभ्यावेदन जिला स्तरीय कमेटी को दिया जिसे कमेटी ने 8 सितम्बर 2017 को स्वीकार कर लिया तथा 2 मई 2018 जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा ने आदेश पारित कर ग्राम पंचायत आमली को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ताओं की सेवा समाप्त करते हुए इनका चयन निरस्त करने के आदेश जारी कर इन्हें सेवा से पृथक किया जावे। जिसे याचिका में चुनोती देते हुए कहा गया था कि याचिकाकर्ताओं का चयन शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर एसडीएमसी द्वारा किया गया था वो सही है, क्योंकि असफल अभ्यर्थी का चयन नही होने के कारण वह चयनित याचिकाकर्ताओं पर मनमाने आरोप लगा रहा है