पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ‘ये वतन मेरा ईमान, इस मुल्क पर मैं कर दूं अपना सब कुर्बान, ये मेरा हिन्दुस्तान,

‘ये वतन मेरा ईमान, इस मुल्क पर मैं कर दूं अपना सब कुर्बान, ये मेरा हिन्दुस्तान,

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में मां स्मृति संस्थान की ओर से कवि देवीलाल पंवार(दादा) की पुण्य स्मृति में एक शाम जवानों के नाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुक्रवार की रात आयोजन हुआ। इसमें देर रात तक कवि अपनी कविताओं से श्रोताओं का सरोबार करते रहे। कवि सम्मेलन में जोधपुर से आए ख्यात गीतकार दिनेश सिंघल ने मां शारदे की स्तुति करते हुए श्रृंगार रस के गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने गीत कोई मेरी राहों में जब शूल बनाता चला गया, मैं पांवों को शूलों के अनुकूल बनाता चला गया’ व ‘हमने अपने दिल में ही खुद आग लगाई थी, मौसम बारूदी था और तुम दियासलाई थी’ सुनाकर वाहवाही लूटी। रावतभाटा के व्यंग्यकार लक्ष्मीदत्त तरुण ने ‘हम कितने खुशनसीब है, ऊपर वाले को एक मानते है, हम कितने बदनसीब है, ऊपर वाले की एक नहीं मानते है’ सहित कई पुलिस पर व्यंग्य सुनाकर तालियां बटोरी। कोटा के हास्य कवि धर्मेंद्र सोनी ने डेढ़ घंटे के हास्य से सरोबार क्षणिकाएं व काव्यपाठ कर गुदगुदाया। धर्मेंद्र सोनी ने ‘मोती बिखेरती चलती बेटी फुहार की, फूलों की पालकी में थी बिटिया बहार की, डोली उठाकर चल दिया बाबुल तो गैर की, कांटे थे नंगे पांव की बिटिया कहार की’ सुनाई। कवि सम्मेलन के आयोजक ओज व वीररस के कवि प्रदीप पंवार ने देशभक्ति की कविताएं सुनाकर श्रोताओं में जोश जगाया। पंवार ने जोशीले अंदाज में राष्ट्रीय कवि प्रदीप पंवार ने‘ये वतन मेरा ईमान, ये देश मेरा भगवान, इस मुल्क पर मैं कर दूं अपना सब कुर्बान, ये मेरा हिन्दुस्तान, ये अपना हिन्दुस्तान’ सुनाकर जवानों में देशभक्ति का संचार दौड़ा दिया। ‘संचालन करते हुए पंवार ने हम बुरे हालात को भी खास समझ लेते हैं, मूंगफली खाकर भी काजू दाख समझ लेते हैं, हम हिंदुस्तानी तो इतने भोले-भाले है साहब, बच्चे का नाम विकास रख कर ही, हो गया विकास समझ लेते हैं’ हास्य रस एवम हास्य व्यंग्य भी सुनाकर खूब हंसाया। ख्यात शायर डाॅ. जिया टोंकी ने मां को याद करते हुए ‘कैसे कैसे दु:ख उठाएं उसने बच्चे पाल कर, सारे खुश है आज उसको आश्रम में डाल कर, चार बच्चे पाल कर माथे पर बल ना आए है, एक मां को चारो मिलकर भी रख न पाए है’ सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कवि वर देवीलाल पंवार की एक गजल भी सुनाई। भीलवाड़ा के हास्य कवि महेन्द्र मतवाला ने कवि सम्मेलन में एएसपी अवनीश कुमार शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने भी करारे व्यंग्य कर खूब हंसाया।

समारोह मे ये रहे मौजूद

कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसपी योगेश दाधीच, आईपीएस अधिकारी प्रशिक्षु एएसपी अजमेर अमृता सिंह, मणिकांत गर्ग, दिनेश चौरासिया, पुलिस जवाबदेही समिति के जिलाध्यक्ष मनीष तोषनीवाल, रोहित कुमावत, दिनेश शर्मा, विष्णु दत्त बिंदल, डाॅ. बीएल नामा, एड. महावीर तोगड़ा, भजन लाल सैनी, रमेशचंद काला, पं.पवन सागर, धनराज साहू, भगवान भंडारी, एडवोकेट शैलेन्द्र गर्ग, अनुराग गौत्तम, बेणी प्रसाद गुर्जर, गोपाल नटराज, दुर्गेश गुप्ता, बृजमोहन गुप्ता, रामवतार सिंगोदिया, भारत नरुका, डीडी गुप्ता, अजय नटराज, निपुण चौहान ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

टोंक. कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते कवि एवं उपस्थित श्रोता।

नेताओं पर किया व्यंग्य

‘ये नेता अच्छे बुरे में भेद नहीं करता है, ये जिस थाली में खाता है उसी में छेद करता है’ सुनाकर श्रोताओं को हंसाया। उदयपुर के युवा कवयित्री सुरभि शर्मा ने वीररस सुनाते हुए ‘अरे मजहब पर मरने वालों, मौत तुम को भी आएंगी’ व काछोला के हास्य कवि प्रभु प्रभाकर ने ‘तीतरी का पाछया छोरा तीतरी होया’ सुनाकर तालियां पाई।

खबरें और भी हैं...