महिला बंदियों व उनके बच्चों को मिलेगी कानूनी सहायता
टोंक |जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर सेंटर सभागार में मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव उमेश वीर ने बताया की जेलों में निरूद्ध महिला बंदीजनों एवं उनके साथ निवासरत बच्चों तक विधिक सेवाओं की पहुंच हो सके उसके लिए सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 17 से 26 मई तक दस दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसका शुभारम्भ गुरूवार को सुबह 10 बजे जिला कारागृह से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश करेंगी। दस दिवसीय विशेष अभियान के संबंध में जेल का दौरा करने वाली टीम का गठन किया गया।
टोंक. दस दिवसीय कैंपेन के सफल आयोजन के लिए एडीआर सेंटर में आयोजित कार्यशाला में मौजूद जिला न्यायिक अधिकारी।
मकसद : महिला बंदियों तक न्यायिक सेवाओं को बढ़ाना
नालसा की ओर से मिले निर्देश एवं आरडी उपाध्याय बनाम आंध्र प्रदेश सरकार व अन्य एआईआर 2006 एससी 1946 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से 13 अप्रैल 2006 में जारी आदेशों के तहत यह निर्णय किया गया है। इसमें शामिल अधिकारों के संबंध में जेलों में निरूद्ध महिला बंदीजनों और उनके साथ निवासरत बच्चों तक विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाना मकसद है।
मदद : विचाराधीन केसों की प्रतियां अफसरों को दी गई
मीटिंग में विभिन्न विभागों के टीम के सदस्यों को अभियान से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की कॉपी, कैम्पेन से संबंधित गाइड लाइन, प्रोफार्मा एवं जेल प्रशासन की ओर से महिला बंदीजनों, उनके बच्चों एवं न्यायालयों में विचाराधीन उनकें प्रकरणों की प्रति उपलब्ध करवाई गई। वही अभियान समापन के बाद टीम संकलित रिपोर्ट कार्यालय को पेश करेगी।