बिजली निगम से 24 घंटे बिजली पाने के लालच में निगम को फ्री में जमीन देने सहित जगमग योजना अपनाने, 47 प्रतिशत से 26 प्रतिशत लाइन लोस कम करवाने और रिकवरी मे तोशाम डिवीजन में पहले नम्बर पर रहने के बावजूद बलियाली गांव अब 18 घंटे बिजली पाने काे तरस रहा है। पिछले सप्ताह से बिजली सप्लाई 18 घंटे से घटकर 12 से 13 घंटे तक पहुंच गई है। ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 9 बजे बिजली निगम के बलियाली के उपक्रेन्द्र को ताला जड़ दिया। सब स्टेशन इंचार्ज के प्रयास और अधिकारियों के चार दिन में बिजली के समाधान के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने दोपहर 11 बजे बिजली घर के गेट का ताला खोल दिया।
जनवादी महिला की जिला प्रधान शीला बलियाली, डाॅ. अंबेडकर युवा संगठन के प्रदेशाध्यक्ष संजय चैहान, संजय पंच, सुखबीर दहिया, बाला रानी, कर्ण सिंह, रानी, बिमला, राजो, तारावंती, सुुनील, पवन कुमार आदि ने बताया कांग्रेस सरकार में बलियालीवासियों को बवानी खेड़ा से 22 घंटे बिजली मिलती थी। 24 घंटे पाने के लालच में पंचायत ने बिजली निगम को फ्री में जमीन दी। जिस पर कांग्रेस सरकार में बिजली 24 घंटे भी हुई। भाजपा सरकार के आते ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की 24 घंटे बिजली उसी गांव को दी जाएगी। जो जगमग योजना को अपनाएगा तथा इसके तहत लाइन लोस को कम करवाने में बिजली निगम की सहायता करेगा। इसके चलते बलियालीवासियों ने जगमग योजना को भी अपनाया, गांव में सभी तारें भी बदली गई, मीटर चेकिंग अभियान भी चला।
बवानीखेड़ा. बलियाली में बिजली की समस्या को लेकर विरोध जताते ग्रामीण।
रातों की उड़ी नींद
ग्रामीणों ने बताया निगम के शेडयूल के अनुसार बलियाली में बिजली निगम सुबह 5 से सुबह 9 बजे, तथा शाम साढ़े चार बजे से लेकर साढ़े छह बजे तक बिजली के घोषित कट लगाता आ रहा है। परन्तु पिछले एक सप्ताह से रात में कई कई घंटों केअघाेषित कटों ने रातों की नींद उठा दी। जिस पर ग्रामीणों ने शुक्रवार को ताला जड़ दिया।
सोमवार तक समाधान
बिजली निगम उपकेन्द्र के इंजार्ज मनोज सोनी ने बताया कि ताला बंदी की सूचना अधिकारियों को दे दी गई थी। खेदड़ प्लांट में दिक्कत आने के कारण अघोषित कट लग रहे हैं जिनका समाधान सोमवार शाम तक हो जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने बिजली निगम को ताला खोल दिया।