शरीर पर कील लगा खंभे के सहारे झूल भक्तों ने की शिव की आराधना
छोटानगरी पंचायत स्थित शिव मंदिर में रविवार को चड़क पूजा धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर शिव भक्त अपने शरीर पर लोहे का कील लगाकर 60 फीट ऊंचे लकड़ी के खंभे के सहारे झूले। पूजा काे लेकर पूरे पंचायत में काफी उत्साह देखा गया। इस मौके पर मंदिर परिसर में मेला जैसा माहौल बना हुआ था। शिव भक्तों के परिवार की महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर भगवान शिव की आराधना में लगी हुई थी। भक्तों का हौसला बढ़ाने के लिए मौके पर उपस्थित टुंडी विधायक राजकिशोर महतो ने कहा कि भक्ति में शक्ति है। भगवान शिव की कृपा से ही शरीर में लोहे की कील लगाने के बाद भी भक्तों को दवा की जरूरत नहीं पड़ती है। मौके पर मुखिया संतोष महतो, पूर्व मुखिया नरेश महतो, विधायक प्रतिनिधि नरेश महतो, पंसस वीरेंद्र सिंह, राजेश सिंह, मंटू रवानी आदि उपस्थित थे।
तेतुलमारी में चड़क पूजा के मौके पर भोक्ता झूलते भक्त।
बरवाअड्डा में 10 वर्षीय दो बच्चों ने शरीर में कील लगाकर खंभे से झूलते हुए।
कतरास के सिंगदाहा में धूमधाम के साथ मनाई गई चड़क पूजा
कतरास|हीरापुरा स्थित सिंगदाहा शिव मंदिर प्रांगण में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी चड़क पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान दर्जनों शिव भक्तों ने अपनी पीठ पर लोहे की कील लगाकर उंचे खंभे के सहारे झूलते हुए भगवान शिव की आराधना की। पूजा दौरान के कई श्रद्धालुओं ने अपने शरीर में लोहे की कील चुभाेकर ऑटो को एक सौ मीटर तक खींचा। शिव भक्तों की अदभूत करतब को लेकर उपस्थित लोग भगवान शिव का जयकारा लगाने लगे। लोगों ने कहा कि त्योहार के दौरान भक्त भगवान शिव की आराधना में इतना लीन हो जाते हैं कि उनकी पीठ पर कील चुभोने के बाद भी उन्हें दर्द का अहसास नहीं होता है। साथ ही इन्हें दवा लेने की भी जरूरत नहीं होती है। शिव भक्तों के खूंटे पर झूलने के दौरान उनके परिवार की महिलाएं माथे पर कलश लेकर नीचे खड़ी रह कर अपने परिवार की सलामती के लिए भोलेनाथ का स्मरण करती हैं।
बरवाअड्डा में 10 वर्षीय दो बालकों ने शरीर में कील चुभो खंभे से झूला
बरवाअड्डा|बरवाअड्डा क्षेत्र में आस्था का पर्व चड़क पूजा रविवार को घोसकोडीह, हरिहरपुर, बड़ापिछरी, बड़ाजमुआ, भेलाटांड़ में शांतिपूर्ण मनाया गया। लोगों की मान्यता है कि शिवभक्त तीन दिनों का उपवास रख कर शरीर के विभिन्न अंगों में लोहे की कील चुभों कर खूंटे में लटक कर लगभग 50 फीट उपर में परिक्रमा कर शिव की आराधाना करते हैं। मौके पर रात को छऊ नृत्य, आर्केस्ट्रा, जागरण आदि का आयोजन किया जाता है। हरिहरपुर में टाइगर फोर्स के जिलाध्यक्ष धर्मजीत सिंह पहुंच कर नगाड़ा बजा कर नृत्य किया। वहीं हरिहरपुर में आकर्षण का केन्द्र रहा लगभग दो 10 वर्षीय बच्चे पीठ में कील चुभों कर लगभग 50 फीट खूंटे के उपर परिक्रमा करते दिखे।