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आमटांड़ टोला विकास से कोसों दूर, सड़क पानी, आवास के लिए भटकते रहते हैं लोग

3 वर्ष पहले
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दक्षिणी टुंडी के खोरमो गांव का आमटांड़ टोला के जनजातीय वाशिंदे आज भी विकास से अछूता है। केन्द्र एवं राज्य सरकार भले ही विकास की बड़ी- बड़ी बातें करती हैं किंतु यहां सारे विकास के दावे झूठे साबित होती है। यहां के लोगों को राजनेताओं एवं अफसरों के वायदे महज कोरा लगती हैं। इन लोगों के नाम लेने से ही ग्रामीण बिफर उठते हैं। दक्षिणी टुंडी का कटनियां पंचायत अंतर्गत खोरमो गांव के आमटांड़ टोला में कई समस्याओं का अंबार लगा है। यह टोला टुंडी प्रखंड मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित है। इस टोले में केवल जनजातीय समुदाय के लोग रहते हैं। यहां की आबादी लगभग दो सौ के आसपास है। इस सड़क में सिर्फ बोल्डर एवं कंकड़ डाला हुआ है। सड़क में निखरे बोल्डर एवं कंकड़ पैदल चलने वाले राहगीरों को दर्द ही पहुंचाती है। जबकि मुख्य सड़क से ग्रामीण सड़क की लंबाई महज एक किलोमीटर है।

शिक्षा - इस टोले में शिक्षा की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है वरन इस टोले से दूर खोरमो गांव के पास लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर मुख्य सड़क के किनारे स्थित विद्यालय में पठन-पाठन के लिए बच्चों को जाना पड़ता है। जबकि उच्च शिक्षा की व्यवस्था इस टोले से 8 किलोमीटर दूर टुंडी में है। इस वजह से यहां के अधिकांश बच्चे प्राथमिक, मध्य विद्यालय का शिक्षा ग्रहण कर बीच में पढाई छोड़ देते हैं। जिसकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है।

रोजगार- यहां रोजगार का कोई साधन नहीं है। यहां के ग्रामीण साल में एक बार धान की खेती करते हैं । यहां के किसानों का कहना है की खेती भी सिंचाई के अभाव में भगवान भरोसे है। यदि वर्षा की पानी बरसी तो खेती हुई नहीं तो सब मर जाते हैं। इसके बाद यहां के ग्रामीण रोजी-रोटी के जुगाड़ के लिए हर दिन घर से कोसों दूर धनबाद शहर जाते हैं। यहां आसपास में कोई कल कारखाना नहीं है। इस वजह से युवाओं का पलायन भी जारी रहता है।

आवास- यहां के ग्रामीणों को आज भी वर्षों बीत जाने के बाद भी फूस के मकान में रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है की भले ही सरकार सबको पक्का मकान की बात करती है पर हमारे नसीब में पक्का मकान महज सपना नजर आता है। सब चुनाव के समय वोट लेकर झांकने भी कभी नहीं आते हैं। हमलोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास डेटा में नहीं रहने की वजह से हमें आवास की सुविधा नहीं मिल रही है। उपायुक्त से लेकर मंत्री के जनता दरबार में हाजिरी लगाई, किसी ने आश्वासन के घूंट के सिवा कुछ भी नहीं दिया।

मुखिया बबली दास का कहना है की मेरे संज्ञान में है यहां जल्द ही विकास के लिए प्रयासरत हूं।

टुंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी महेश्वरी प्र यादव का कहना है की आपसे जानकारी मिली मैं शीध्र ही यहां मूलभूत समस्याओं से टोला जाकर रु-ब-रु होकर समस्या के निदान करने का प्रयास करुंगा।

टुंडी विधायक राजकिशोर महतो का कहना है की मैं इस टोले में 300 फीट विधायक निधि से सड़क बनवाया हूं एवं अन्य समस्याओं को जिला प्रशासन को अवगत करा चुका हूं।

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