राजकीय स्कूल की तरफ बढ़ रहा है विद्यार्थियों का रूझान
राजकीय स्कूलों को लेकर अभिभावकों की सोच में बदलाव आ रहा है। अब राजकीय स्कूलों में अपने बच्चों के दाखिले करवाने के लिए अभिभावक पहुंच रहे हैं। करसिंधु के छठीं से 12वीं तक के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बीते साल की अपेक्षा विद्यार्थियों के दाखिले अब तक दोगुना हो चुके हैं। यहां पर अब तक 508 एडमिशन हो चुके हैं। बीते साल 251 विद्यार्थियों ने यहां पर दाखिले लिए थे। यहां पर मिशन एक हजार रखकर स्कूल स्टॉफ द्वारा गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों को राजकीय स्कूल की उपलब्धियों के बारे में बताया गया। इसके अलावा बच्चों के एडमिशन राजकीय स्कूल में करवाने के लिए प्रेरित किया गया।
करसिंधु के राजकीय स्कूल में पहली बार विज्ञान, कॉमर्स संकाय की कक्षाएं शुरू हुई हैं। ग्रामीण अंचल में इन दोनों विषय को लेकर विद्यार्थियों में रूझान दिखाई दे रहा है। 50 से अधिक एडमिशन अब तक इन विषयों के लिए हो चुके हैं। यहां आसपास के गांव में विज्ञान, कॉमर्स संकाय विषय किसी स्कूल में न होने के कारण विद्यार्थियों को उचाना, नरवाना जाना पड़ता था। अब करसिंधु सहित आसपास के गांव के ग्रामीण अपने बच्चों को इन दोनों संकायों के लिए करसिंधु भेज रहे हैं।
करसिंधु के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बीते साल की अपेक्षा विद्यार्थियों के दाखिले अब तक दोगुना हो चुके हैं
अध्यापकों की है स्कूल में कमी
स्कूल में अध्यापकों की कमी है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए गांव के साथ-साथ आस-पास के गांव के पढ़े-लिखे शिक्षाविद् स्वयंसेवक के रूप में यहां पर विद्यार्थियों को नि:शुल्क पढ़ा रहे हैं। जब तक यहां पर रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं होती, तब तक ये विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे।
स्कूल में आने के लिए बस
की सुविधा
प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर गांव से स्कूल तक आने-जाने के लिए परिवहन समिति के माध्यम से बसों व्यवस्था की गई है। विद्यार्थी खुद रूट इंचार्ज बनकर बस की व्यवस्था को देख रहे हैं। इससे विद्यार्थी समय पर स्कूल पहुंच जाते हैं। स्कूल से समय पर घर पहुंच जाते हैं। ग्रामीण अंचल में बसों के रूट कम होने से विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।
एक हजार रखा है लक्ष्य : प्राचार्य विनय जिंदल, मा. रामप्रसाद ने कहा कि स्कूल में एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य रखा गया है। आधा लक्ष्य पूरा हो चुका है। दसवीं कक्षा का परिणाम आने के बाद उनका लक्ष्य पूरा हो जाएगा। ग्रामीण भी राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों को दाखिले अधिक से अधिक करवाने को लेकर स्कूल द्वारा बनाई गई टीम का सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीण अंचल के स्कूल विज्ञान, कॉमर्स संकाय आने के बाद विद्यार्थियों को इन संकाय के लिए गांव से दूर नहीं जाना पड़ेगा।