मिशन परिवर्तन के तहत प्रशासन द्वारा महाग्राम छातर को बेसहारा पशु, पॉलीथिन मुक्त कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में 27 अप्रैल को हुई आईएएस अंकुर गुप्ता की अगुवाई में हुई बैठक में फैसला लिया था कि खंड के अंदर सबसे बड़े गांव को 15 मई तक बेसहारा पशु मुक्त करने के साथ-साथ पॉलीथिन मुक्त किया जाए। इसको लेकर खंड के सबसे बड़े गांव छातर का चयन किया गया।
सरपंच पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव संख्या 3 के तहत 30 अप्रैल 2018 को ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पारित करवाया गया। इसमें गांव के सभी बेसहारा पशुओं को गोशाला के अंदर छोड़ा गया। गांव के अंदर सभी दुकानदारों को पॉलीथिन का प्रयोग न करने के लिए सूचित किया गया। ग्रामीणों में पॉलीथिन को लेकर दुष्प्रभाव की जानकारी भी दी गई। ग्राम पंचायत द्वारा इसको लेकर मोबाइल नंबर 9812350016 जारी किया गया। बेसहारा पशु गांव में नजर आएं, कोई भी दुकानदार गांव में पॉलीथिन का प्रयोग करे तो इसकी जानकारी इस नंबर पर कोई भी दे सकता है।
सभी बेसहारा पशुओं को गोशाला के अंदर छोड़ा गया, दुकानदारों को पॉलीथिन का प्रयोग न करने के लिए सूचित किया
उचाना. महाग्राम छातर गांव की प्रमुख गली जहां घुमंतू पशुओं की टोली नजर आती थी।
सबसे पहले अग्रणी ब्लॉक
में शामिल होगा उचाना
एसडीएम डॉ. शिल्पी पातड़ ने कहा कि पिछड़े ब्लॉक मिशन परिवर्तन स्कीम के तहत उचाना को जोड़ा गया है। इसकी जिम्मेदारी सरकार ने सीनियर आईएएस अंकुर गुप्ता को दी है। सभी ब्लॉक में उचाना को सबसे पहले अग्रणी ब्लॉक की श्रेणी में लाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है। इसको लेकर कई बार सभी विभागों की बैठक कर जिम्मेदारी समय निर्धारित करके तय की गई है।