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आज वर्ल्ड आर्ट डे ह

3 वर्ष पहले
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आज वर्ल्ड आर्ट डे है | शहर के कई कलाकार कर रहे कला-संस्कृति को संजोने का काम, आएं हम भी प्रण लें- सहेजकर रखेंगे कलाओं को

आज वर्ल्ड आर्ट डे है। शहर में भी कई ऐसी संस्थाएं और कलाकार हैं जो कला को संजोने का काम कर रहे हैं। गुलाब बाग की चारदीवारी मेवाड़ के तीज-त्योहारों, संस्कृति और विरासत की कहानी कहती है। यहां बनाई गई कलाकृतियां पर्यटकों के साथ शहरवासियों के लिए आकर्षण है। दूसरे राज्यों से आए कलाकार इन कलाकृत्तियों में रंग भर रहे हैं। मध्यप्रदेश के कलाकार अमित गुप्ता पिछले कई दिनों से यहां पेंटिंग बनाकर मेवाड़ी कला संस्कृति को सहेज रहे हैं। अमित के साथ छह कलाकारों की टीम है जो गुलाब बाग की चारदीवारी पर वाल पेंटिंग के जरिए राजस्थानी संस्कृति के विभिन्न रंगों को उकेर रही है। शहर के प्रमुख हेरिटेज पैलेस के अलावा यहां की संस्कृति और सालभर होने वाले तीज-त्योहारों की रंगत को भी दर्शाया जा रहा है। टीम ने छह दिन पहले काम शुरू किया था।

दीवारें बयां करती हैं मेवाड़ी कलाओं की दास्तान
झीलों की नगरी में कदम-कदम पर ऐसी कलाकृतियां, मानो बाेल पड़ेगी दीवार
कुछ चित्र वाकई खूबसूरती लिए हैं। जीवंतता ऐसी मानो दीवार बोल पड़ेगी। इनमें प्रमुख चित्र दीवार से झांकती महिला का है, जो हाथ से दरवाजा पकड़े बाहर की ओर आती दिखती है। जिन विषयों पर प्रमुखता से काम हाे रहा है, उनमें कच्छी घोड़ी, सिटी पैलेस, पगड़ी धारी बालक, पीछोला किनारे गणगौर पूजा, हाथी-घोड़े आदि शामिल हैं। अभी तक बनाई गई पेंटिंग्स देसी-विदेशी पर्यटकों के अलावा शहरवासियों को भी खूब पसंद आ रही है। सुबह-शाम सैर के लिए आने वाले युवा और किशोर इन पेंटिंग्स के साथ सेल्फी लेते हैं।

आज फतहसागर पाल पर 130 फीट लंबी दीवार में भरेंगे रंग
वर्ल्ड आर्ट डे पर नरेटिव मूवमेंट पांडिचेरी की ओर से विश्व के ख्यातनाम चित्रकारों को साथ लेकर द वर्ल्ड कंटेमप्ररी वेव का आयोजन किया गया है। इसमें उदयपुर के एम. ए. हुसैन भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए फतहसागर पाल पर 130 फीट लंबी दीवार पर भारतीय संस्कृति, मेवाड़ की गवरी, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या रोकने सहित कई मुद्दों को अपनी कुंची से उकेरेंगे। रविवार सुबह 9 बजे से देर शाम तक वो पाल पर पेंटिंग की जाएगी।

बागोर की हवेली में भी हर माह लगती है प्रदर्शनी : बागोर की हवेली स्थित संग्रहालय में भी महीने में एक बार आर्ट को लेकर कार्यशाला लगती है। शहर के कलाकारों के अलावा अपनी कला को बताने के लिए अन्य राज्यों से भी कलाकार यहां अपनी प्रदर्शनी लगाने आते हैं। जगदीश चौक में भी विदेशी इन कलाओं को देखने के लिए उमड़ते हैं।

सुबह से ही जुट जाते हैं कलाकार
टीम में कपिल अग्रवाल, निकिता कचौलिया, प्रिया पाटीदार, आदित्य और हर्षित जोशी शामिल हैं, जो अल सुबह पेंट और ब्रश थामे काम शुरू कर देते हैं। शाम तक इनके हाथ चलते हैं। टीम के मुताबिक यह काम डेढ़ महीने तक चलेगा। सौ से ज्यादा जगह पेंटिंग बनाएंगे। हर पेंटिंग की खास बात यह कि मूल फोटो दीवार पर लगा हू-ब-हू आकार और रंग दिए जा रहे हैं।

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