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अलवर के अनिल भीम ने जीता दंगल, तीसरी बार चैंपियन नहीं बन सके अजहरुद्दीन, इंदौर की रानी राणा बनीं महिला केसरी

3 वर्ष पहले
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महिला केसरी बनीं इंदौर की रानी राणा।

राजस्थान मध्यप्रदेश केसरी अनिल भीम।

राजस्थान मध्यप्रदेश केसरी अनिल भीम।

कुश्ती के यह रहे परिणाम

राजस्थान मध्यप्रदेश केसरी : अलवर के अनिल भीम ने अलवर के अजहरूद्दीन को हराया राजस्थान मध्यप्रदेश किशोर : ईएसआईसी के निर्मल विश्नोई ने भीलवाड़ा के सुनील विश्नोई को हराया राजस्थान-मध्यप्रदेश बसंत : झुंझनू के आमीन ने उदयपुर के महेंद्र को हराया।

राजस्थान मध्यप्रदेश महिला केसरी : इंदौर की रानी राणा ने चित्तौड़ की सावित्री छीपा को हराया राजस्थान मध्यप्रदेश कुमार : भीलवाड़ा के लादू लाल जाट ने भीलवाड़ा के बबलू गुर्जर को हराया राजस्थान मध्यप्रदेश कुमारी : भीलवाड़ा की मनीषा माली ने भीलवाड़ा की अंजली साहू को हराया।

रानी ने चित्तौड़ की सावित्री को और अलवर के अनिल ने अलवर के ही पहलवान को दी पटकनी

स्पोर्ट्स रिपोर्टर | उदयपुर

28वें राजस्थान-मध्यप्रदेश केसरी दंगल के फाइनल में रविवार को अलवर के अनिल भीम ने अलवर के ही अजहरूद्दीन को हराकर राजस्थान मध्यप्रदेश केसरी का खिताब जीता। अनिल ने अजहरूद्दीन के लगातार तीसरे साल राजस्थान-मध्यप्रदेश केसरी बनने का सपना तोड़ दिया। वहीं राजस्थान मध्यप्रदेश महिला केसरी में इंदौर की रानी राणा ने लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। दंगल के फाइनल में भीलवाड़ा के पहलवानों का दबदबा रहा। ज्यादातर वर्ग में भीलवाड़ा के पहलवान विजेता-उपविजेता रहे। दंगल समिति के तकनीकी अधिकारी हरीश राजौरा ने बताया कि दंगल के समापन में रविवार को सांसद अर्जुनलाल मीणा, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा मुख्य अतिथि रहे।

बचपन में पिता का निधन, मां ने सिलाई कर बेटी को बनाया पहलवान, नेशनल में जीते 18 मेडल

मनीष कोठारी | उदयपुर

उस्ताद लक्ष्मणसिंह की स्मृति में खेले जा रहे 28वें राजस्थान-मध्यप्रदेश केसरी कुश्ती दंगल में भाग लेने कई ऐसी महिला पहलवान आई हैं जिन्होंने देश भर में पहलवानी से परचम तो लहराया ही, इसके साथ जीवन के भारी संघर्षों के बीच खेल में नाम कमाकर बताया कि- बेटियां ठान ले तो किसी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। कुछ ऐसी ही महिला पहलवानों से भास्कर ने बातचीत कर इनके संघर्षमयी सफलता के पीछे की कहानियों को जाना। ऐसी ही कहानी है चित्तौड़ की सावित्री की। बचपन में ही पिता का निधन हो गया। मां ने किसी तरह लालन-पालन किया। सावित्री को बचपन से ही पहलवानी करने का भूत सवार था। उन्होंने घरवालों को ये बात बताई लेकिन आर्थिक स्थिति सही नहीं होने पर साथ नहीं मिला। फिर मां ने सिलाई केंद्र चलाकर उसे कुश्ती का प्रशिक्षण दिलाया। सावित्री यहां चार साल से दंगल में भाग लेने आ रही हैं और लगातार 3 साल से दंगल जीतती रही हैं। छीपा ने अब तक सब जूनियर में नेशनल ब्रॉन्ज, सीनियर में ब्रॉन्ज के साथ नेशनल में 18 मेडल जीतने के साथ देश के सर्वोच्च टूर्नामेंट नेशनल गेम्स में हिस्सा ले चुकी है। सावित्री बताती हैं कि उनकी माता ने कुश्ती के लिए खूब सपोर्ट किया। उसका सपना है कि विदेश में भारत के लिए खेले और देश के नाम पदक लाए। वह खुराक में रोज एक लीटर दूध, 50 ग्राम बादाम और चने लेती है।

चित्तौड़ की पहलवान बोली-हम किसी से कम नहीं

उज्जैन की प्रियांशी : पहलवान दादा ही हैं कोच, मलेशिया में देश के लिए खेलेंगी

उज्जैन की प्रियांशी राठौड़ दूसरी बार दंगल में भाग लेने आई हैं। प्रियांशी को उनके दादा ही खुद पहलवानी सिखाते हैं जो खुद एक पहलवान हैं। पिछली बार दंगल में प्रियांशी चौथे स्थान पर रही थी। वह जूनियर लेवल में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। मलेशिया में होने वाली जूनियर स्टूडेंट ओलिंपिक में चयन हो चुका है। जल्द ही वहां देश के लिए खेलेंगी। प्रियांशी बताती हैं कि उसके घरवाले उसे बहुत सपोर्ट करते हैं। प्रियांशी के दादा दो बार भारत केसरी और भारत कुमार में खेेल चुके हैं। वो प्रियांशी को कुश्ती के गुर सिखाते हैं और लगातार जीत के लिए प्रेरित करते हैं। प्रियांशी के दादा ने बताया कि उसे रोज खुराक में डेढ़ लीटर दूध, 40 बादाम, फल देते हैं। प्रियांशी रोज 5 किलोमीटर दौड़ लगाती है और तीन-तीन घंटे तक पसीना बहाती है।

झुंझुनूं की प्रीति : नेशनल जूनियर-और सीनियर में जीत चुकी है दो-दो गोल्ड

झुंझुनूं जिले की प्रीति पहली बार इस दंगल में भाग लेने आई है। प्रीति नेशनल जूनियर में दो गोल्ड, सीनियर में दो गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इन दिनों प्रीति भरतपुर में स्टेट एकेडमी में नेशनल कैम्प की तैयारी कर रही है। वो बताती है कि बेटियों का खेल में आगे आना काफी अच्छी बात है। उसका सपना भारत के लिए ओलिंपिक मेडल जीतने का है। प्रीति इसके लिए रोज 8 घंटे प्रेक्टिस करती है। वो बताती है कि खुराक में 1 लीटर दूध, 100 ग्राम बादाम, 100 ग्राम मुनके, फ्रूट, ज्यूस लेती है।

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