पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

465 साल रो व्ह्यो आपणो उदैपुर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
उदैपुर नगर री स्थापणा विक्रम संवत 1610 बैसाख सुदी तीज शनिवार कृतिका नक्षत्र (अक्षय तृतीया) रे दन वी। अणी दन महाराणाा उदयसिंह रा मोटा पूत प्रताप सिंह (महाराणा प्रताप) रे पुत्र र| री प्राप्ति वी। अणी दन सन् 1553 री 15 अप्रैल तारीख ही। झीलां री नगरी री स्थापना में महाराणा उदयसिंह री बड़ी दूर दृष्टि ही। अठा पेळी मोती मगरी पे मोती महल बणवाया हा। जठै महाराणा उदयसिंह-प्रताप रिया हा। दिल्ली में मुगल राज रे कारण बार-बार मेवाड़ रे ऊपरे आक्रमण वेइरिया हा। अणी बाते मेवाड़ री अरावली री मंगरिया देखता लगा, अणा गिरिवाह (गिर्वा) में पीछोला झील रे किनारे यो नगर बसायो और अणे मेवाड़ री राजधानी वणाई। घणा पुराना काल में नागदा और आहाड़ मेवाड़ री राजधानी विया करती ही। अणा पुराणी राजधानिया रे भड़े गिर्वा में मेवाड़ री नई राजधानी बणाणों घणों सूज-बूझ रो काम हो। प्रजा री सुरक्षा-खेती-बाड़ी विचार रो आ जगा घणी फलिभूत वी। अणी टेम पे बादशाह अकबर फतहपुर सीकरी भी बसायो, पर वो उदैपुर जतरो आबाद नी वेई सक्यो। 465 साल बाद भी यो नगर दिनो-दिन उन्नति करतो लगो आज भारत रा नक्शा में स्मार्ट सिटी रे रूप में नाम कमाई रियो है। 2016 में स्मार्ट सिटी री पेली लिस्ट में उदयपुर ने चुन्यो। शहर विकास रे वास्ते 12 सौ करोड़ उं ज्यादा रुपया मिल चुक्या है। बिजली, पानी, सीवरेज, यातायात, स्वच्छता, शिक्षा, सुविधावां नै स्मार्ट बनावा रे वास्ते कमर कस लीदी है।

आ जगां घणी फलीभूत व्ही, अणी टेम अकबर फतहपुर सीकरी भी बसायो, पण वो उदैपुर जतरो आबाद नी वेई सक्यो

अतीत से वर्तमान तक उदयपुर

बगीचा-झीलां ही सारा विश्व माइने उदैपुर री पैचाण बणाई राखी है, प्रदूषित नी वै अंडी जिम्मेवारी आपणी

या मेवाड़ री धरा वीरा री जननी, मीरां री भक्ति री साक्षी मानी जावे है। आज ऊं अतरा साल पेली महाराणा उदयसिंह पीछोला रे दक्षिण छोर पे दमदमा महल बणबई णे उद्य्रान भवन री परंपरा री शुरूआत की दी ही। पेली झील उदैपुर री स्थापना भी महाराणा उदयसिंह की दी। आज बगीचा-झीलां ही पूरा विश्व माइने उदैपुर री पहचाण बणाई राखी है। जा परंपरा महाराणा उदयसिंह नगर री स्थापना रे वखत नाकी वणी परंपरा ने अापणे आगे बढ़ानी है। उदैपुर रो पाणी वेईणे बांणे नी जा अंडे वास्ते झीलां री पाळ बांधी, जा आज भी उदैपुर रा पाणी का स्तर वाते, कृषि, उद्योग रे वाते जीवन रेखा बणी लगी है। अबे उदैपुर रो पाणी प्रदूषित नी वै अंडी जिम्मेदारी उदैपुर रा वासियां री है। संयोजन : इतिहासकार डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, भूविज्ञानी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राणावत

जसवंत सिंह

खबरें और भी हैं...