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महिला वकीलों के साथ पूर्व विधायक ने किया उपवास

3 वर्ष पहले
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उदयपुर | हाईकोर्ट बैंच आंदोलन के दूसरे दिन मंगलवार को जिला अदालत की 27 महिला अधिवक्ताओं ने काेर्ट गेट पर एक दिन उपवास किया। उदयपुर ग्रामीण की पूर्व विधायक सज्जन कटारा और समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि समर्थन में धरने पर बैठे।

वक्ताओं ने संभाग की जनता से अपील की कि हाईकाेर्ट बैंच की मांग सिर्फ वकीलों के हित के लिए नहीं, बल्कि संभाग की गरीब जनता को न्याय दिलाने के लिए है। 36 वर्ष से चल रहा हाईकोर्ट बैंच आंदोलन राजनीतिक दलों की मनोच्छा न होने से सफल नहीं हो पा रहा है। इस बार संभाग की जनता काे चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को खुली चुनौती देनी होगी कि हाईकोर्ट बैंच की घोषणा चुनाव पूर्व नहीं की गई तो मतदान के दिन नोटा बटन दबाएंगे। बार एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष प्रमोदिनी बक्षी के नेतृत्व में अधिवक्ता शकुंतला जोशी, शांति दया, रागिनी शर्मा, जूही शर्मा, अलका जोशी, प्रेमकुमारी टांक, अनिता गोस्वामी, मीनाक्षी नागौरी, मीनाक्षी माथुर, कांता नागदा, आभा शर्मा, किरण चावला, पंकज शर्मा, शिवानी चौधरी, मूमल जानी, पूजा उपाध्याय, मंजू हाड़ा, भारती मालवीया, रानू मेघवाल, भावना नागदा, विमला त्रिवेदी, सुधा मेहता, नीता जैन, सविता जैन, शालिनी अग्रवाल, चेतना डांगी ने हाईकोर्ट बैंच के समर्थन में उपवास रख कर प्रदर्शन किया।

समर्थन में मेवाड़ विकास परिषद के संयोजक डा. के.एस. माेगरा, केरल समाज की अध्यक्ष रीना इब्राहिम, मीनाक्षी शाह, ओ.पी. महात्मा, शांति लाल नागौरी, सुभाष मेहता, गणपत सिंह हिंगड़, देवीलाल जैन, वैद्य शिवनारायण व्यास, आम आदमी पार्टी के प्रकाश भारती, हिम्मत सेठ, गणेश सहलोत, भरत वैष्णव, मंजू हाड़ा भी धरने पर बैठे।

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