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शहर में 70 किमी घंटा से तेज बड़ी गाड़ी दौड़ाई तो चालान

3 वर्ष पहले
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शहर की सड़कों पर अब 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज गाड़ी चलाने पर चालान बनेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राज मार्ग मंत्रालय ने वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए स्पीड गवर्नर डिवाइस के बाद अब स्पीड लिमिट में बड़ा बदलाव कर दिया है। मंत्रालय के तकनीकी सलाहकार (सड़क सुरक्षा एवं प्रवर्तन) वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि शहर व अन्य सड़कों पर सभी वाहनों की रफ्तार घटा दी है। हालांकि कार समेत दूसरे बड़े यात्री वाहनों की हाई-वे, एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम रफ्तार पहले के मुकाबले बढ़ाई है। यातायात पुलिस इंटरसेप्टर की मदद से तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी रखेगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने किए बड़े बदलाव

उदयपुर में स्पीड गवर्नर में गति मापने की व्यवस्था ही नहीं

उदयपुर परिवहन विभाग के पास स्पीड गवर्नर डिवाइस में सेट की गई गति मापने की मशीन नहीं है। उदयपुर आरटीओ के अधिकारी और एक्सपर्ट बताते हैं कि उदयपुर में बिना स्पीड गवर्नर लगे वाहन को फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं देने की व्यवस्था है। कई बार स्पीड गवर्नर लगे होने के बाद भी वाहन तय गति से ज्यादा पर चलते दिखाई देते हैं, क्योंकि हेरफेर करने वाले कुछ रुपयों के लिए डिवाइस में स्पीड तय सीमा से ज्यादा सेट कर देते हैं। ऐसे में वाहन में सिर्फ स्पीड गवर्नर लगे होने पर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करना भी इसके उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। अभी वाहनों की स्पीड चलाकर ही टेस्ट की जाती है, जिससे हर एक वाहन को जांचना लगभग संभव नहीं है।

बसों पर स्पीड गवर्नर की तय रफ्तार ही लागू् : यात्री वाहनों के लिए जो अधिकतम गति तय की गई है, वह सिर्फ निजी वाहनों पर लागू होगी। कमर्शियल यात्री वाहन जैसे बसों के लिए पूर्व में लागू अधिकतम गति ही लागू रहेगी। ऐसे वाहनों में स्पीड गवर्नर भी लगाए जाते हैं, जिसमें यात्री बसों के लिए 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तय है। स्कूल बसों के लिए 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार है। इसे प्रदेश में 40 किमी किया जा रहा है।

कारों की पहले अधिकतम रफ्तार 100 किमी थी, जिसे एक्सप्रेस-वे पर 120 किमी प्रति घंटा किया है। चार या ज्यादा लेन पर इसे 100 ही रखा है। शहरी और अन्य मार्गों पर इसे 70 किमी प्रति घंटा किया गया है। नौ सीटर से ज्यादा की निजी गाड़ियों में अधिकतम गति पहले 80 किमी थी, उसे एक्सप्रेस-वे पर 100 और फोर-लेन व अधिक पर 90 किमी प्रति घंटा कर दिया है। शहरी और अन्य मार्गों पर इसे 60 किमी प्रति घंटा रखा है।

यातायात पुलिस के पास दो इंटरसेप्टर वाहन हैं, जो लेजर आधारित कैमरे के जरिए 200 मीटर की दूरी से भी वाहन की स्पीड माप सकती है। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भंवरसिंह हाड़ा, डीएसपी-ट्रैफिक, उदयपुर

डीटीओ परिवहन विभाग के पास ऐसी कोई मशीन नहीं है, जो स्पीड गवर्नर में सेट की गई स्पीड की जांच कर सके। छगन मालवीय, डीटीओ उदयपुर

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