पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • बाल विवाह होने पर वर वधू पक्षवालों के साथ पुजारी, बैंड, टेंटवाले, हलवाई को भी हो सकती है सजा

बाल विवाह होने पर वर-वधू पक्षवालों के साथ पुजारी, बैंड, टेंटवाले, हलवाई को भी हो सकती है सजा

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
उदयपुर| जयसमंद शहर के साथ जिले में बाल विवाह के कई मामले सामने आए जिसके बाद प्रशासन ने घर पहुंचकर घरवालों को पांबद किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव एवं ऐसीजेम रिद्धिमा शर्मा को अम्बामाता थाना क्षेत्र में 18 अप्रैल को बाल विवाह होने की सूचना मिली। अम्बामाता पुलिस ने नाबालिग के परिजन को बाल विवाह नहीं करवाने को लेकर पाबंद किया। महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक रश्मि कौशिश ने बताया कि बाल विवाह करवाने पर माता-पिता, अभिभावक के साथ ही भागीदार बनने वाले व्यक्तियों जैसे बाराती, पुजारी, रिश्तेदार, बैण्ड बाजा वाले, हलवाई, फोटोग्राफर, बारात ले जाने वाले वाहन मालिक, टेंट लगाने वाले भी दोषी हैं। इन सभी के लिए 2 वर्ष तक के कारावास या एक लाख जुर्माने या दोनों सजा का प्रावधान है।

झामर कोटड़ा में नाबालिग बहनों की शादी रुकवाई

कुराबड़ थाना क्षेत्र में मंगलवार को दो नाबालिग बहनों की बुधवार को होने वाली शादी पुलिस ने रुकवाई। बारातें इसी थाना हलके में जगत और वसु गांव से आने वाली थीं। तीनों पक्षों के परिजनों को पाबंद कराया गया है। थानाधिकारी मीठूसिंह ने बताया कि झामर कोटड़ा पंचायत के मामा देव निवासी किशनलाल मेघवाल 15 और 17 साल की बेटियों की शादी की तैयारी में था। लगन बुधवार के थे, जिसके लिए सुबह ही बारातें आने वाली थीं। इससे पहले किसी जागरूक ग्रामीण ने पुलिस कंट्रोल रूम पर बाल विवाह की सूचना दी, जहां से थाना पुलिस को भेजा गया। टीम के साथ पटवारी और सरपंच भी पहुंचे। जांच-पड़ताल में शादी की तैयारियां होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने किशोरियों के माता-पिता को तहसीलदार के समक्ष पेश कर पाबंद कराया। साथ ही दोनों दूल्हों के परिजनों को भी पाबंद किया।

गोगुंदा में भी किशोरी का विवाह रुकवाया

गोगुंदा पटवार सर्कल के पटवारी गायरियावास निवासी चंद्रप्रकाश पटेल को टोकियों का भीलवाड़ा निवासी गोपी लाल गमेती की पुत्री चंपा का 20 अप्रैल को बाल विवाह होने की जानकारी मिली। किशोरी का विवाह लखावली में होने वाला था। पटवारी चंद्रप्रकाश और एएसआई नारायण सिंह गांव जाकर किशोरी के पिता से मिले और दस्तावेजों की जांच की। चंपा की उम्र शादी के लिए पूरी नहीं थी। पटवारी ने बालिका के पिता गोपी लाल, माता नवली भाई चुन्नी लाल और लखावली निवासी प्रताप गमेती को चंपा का बाल विवाह नहीं करने के लिए पाबंद किया।

खबरें और भी हैं...