सर्वार्थ सिद्धि योग में आई आखा तीज, आज शुरू किया हर काम देगा अक्षय फल
अक्षय तृतीया बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। ज्योतिषियों के मुताबिक अक्षय तृतीया का पूरा दिन ही शुभ कार्य और खरीदारी के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। जमीन, मकान, दुकान आदि के लिए सुबह 8.15 से रात तक, आभूषण, वाहन, वस्त्र के लिए 10.51 से रात तक, सजावट, फर्नीचर के लिए सुबह 11.15 से शाम 6.48 बजे तक, इलेक्ट्रिक सामान, मशीनरी के लिए दोपहर 3.40 बजे से श्रेष्ठ समय है। इस दिन विभिन्न समाजों के सामूहिक विवाहों की धूम रहेगी। मेवाड़ा प्रजापत समाज सेवा संस्थान के चौथे सामूहिक विवाह में तुलसी-ठाकुरजी सहित 13 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। संस्थान के सचिव विष्णु प्रजापति ने बताया कि बिंदोली सुबह 9 बजे टाउनहॉल से सूरजपोल चौराहा, बापू बाजार, देहली गेट होते हुए टाउनहॉल परिसर पहुंचेगी। बारात का जगह-जगह स्वागत करेंगे। समाज के प्रदेश अध्यक्ष भंवर पोटर, युवा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र मावर और समाज के संत रामनारायण शामिल होंगे।
तैलिक साहू समाज 13, मेवाड़ा सुथार समाज के 22 जोड़े बंधन में बंधेंगे
तैलिक साहू समाज का 26वां सामूहिक विवाह समारोह तीज का चौक स्थित माहेश्वरी सेवा सदन में होगा। अध्यक्ष राजेन्द्र और देवेन्द्र साहू ने बताया कि इसमें समाज के 13 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। इससे पहले बिंदोली निकलेगी। श्री विश्वकर्मा मेवाड़ा सुथार समाज विकास संस्थान के सामूहिक विवाह समारोह में समाज के 22 जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। संस्थान का सामूहिक समारोह कालूराम जी की बाड़ी, गारियावास 60 फीट रोड पर होगा।
श्रावक समाज में उत्साह, देशभर के 100 तपस्वी करेंगे पारणे
वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक महासंघ के वर्षीतप के पारणे अक्षय तृतीया पर बुधवार को चित्रकूट नगर स्थित रसिकलाल धारीवाल स्कूल में होंगे। आचार्य शिवमुनि के सान्निध्य में देशभर के 100 से अधिक तपस्वी पारणे करेंगे। श्रमण संघ प्रमुख मंत्री शिरीष मुनि ने बताया कि अक्षय तृतीया श्रमण संघ का स्थापना दिवस भी है। वर्षी तप में एक दिन भोजन और एक दिन उपवास करने वाले तपस्वी शामिल होंगे। तप 13 माह का होता है। कार्यक्रम को लेकर भोजन, आवास, ध्यान शिविर, शिवाचार्य समवशरण, प्रचार, चिकित्सा, प्रशासनिक सहित 16 कमेटियों का गठन किया गया है। महासंघ अध्यक्ष ओंकारसिंह सिरोया और कार्यक्रम संयोजक वीरेंद्र डांगी ने बताया कि आचार्य के 33वें, शिरीष मुनि, शुभम् मुनि के वर्षीतप व पांच अन्य मुनियों के एकासने भी होंगे।
डॉ. शिव मुनि