निगम के इंजीनियर नहीं जाते माैके पर, ढंग से नहीं बन रहे एस्टीमेट
उदयपुर| यूआईटी सभागार में शुक्रवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक मेंं नगर निगम की इंजीनियरिंग विंग और एडिशनल चीफ इंजीनियर (एसीई) अरुण व्यास गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के निशाने पर रहे। कटारिया ने कहा कि निगम के इंजीनियर मौके पर नहीं जाते। इसलिए निर्माण कार्यों के एस्टीमेट भी प्रॉपर नहीं बनते।
कटारिया ने कहा कि एस्टीमेट सही ढंग से नहीं बन रहे। टेंडर हो जाते हैं और रेट 40-40 प्रतिशत कम आती है। काम शुरू होने के बाद संशोधित टेंडर और लगाने पड़ते। सुपरविजन भी ढंग से नहीं हो रहा है। कटारिया का गुस्सा यहीं नहीं थमा। उन्होंने एसीई व्यास से कहा कि आपका ट्रांसफर करवाते हैं और आफ सिफारिश से लौट आते हैं। व्यास ने अपना पक्ष रखने का प्रयास भी किया, मगर स्थिति देख यूआईटी चेयरमैन रवींद्र श्रीमाली ने इशारे से व्यास को बोलने से मनाकर स्थिति संभाल ली। कटारिया का यह भी कहना था कि 1 करोड़ से ज्यादा के जो भी निर्माण कार्य हो, उसकी गुणवत्ता जांच तीसरी पार्टी से करवानी चाहिए। इससे काम मजबूती से होगा। दरअसल कटारिया ने यह बैठक वैसे तो हाल ही शहर के वार्डों के दाैरे में आई जनसमस्याओं के निस्तारण को लेकर बुलाई थी, मगर निगम उनके निशाने पर आ गया।
कटारिया ने ये निर्देश भी दिए
रोड मरम्मत और पार्किंग : सीवरेज के लिए सड़क खोदने के बाद समय पर उसकी मरम्मत हो। मानसून से पहले नगर निगम नालियों और नालों की सफाई का काम पूरा कर ले। भूमिगत केबल बिछाने के नाम पर बार-बार सड़क खोदने का समाधान भी निकालना चाहिए। पुलिस पार्किग व्यवस्था सुधारे।
पेयजल और पार्क विकास : जलदाय विभाग को गर्मी के दिनों में पेयजल वितरण पर पूरा ध्यान देने के निर्देश दिए। कानपुर-मादड़ी क्षेत्र में मेन लाइन से अवैध कनेक्शन लेकर पानी की चोरी करने वालों के खिलाफ पुलिस की मदद लेकर कार्यवाही के निर्देश भी दिए। पार्कों में गुंजाइश अनुसार ओपन जिम लगाने के सुझाव भी दिया।
देबारी सुरंग को पर्यटन स्थल बनाना : टारिया ने देबारी स्थित पुरानी रेलवे सुरंग को विकसित कर बच्चों के लिए मनोरंजक स्थल बनाने की संभावना पर जल्द काम शुरू करने पर भी जोर दिया। ब्रॉडगेज बनने के बाद से यहां रेलवे सुरंग और ट्रैक का कोई उपयोग नहीं हो रहा हैं। कटारिया ने नीमजमाता पहाड़ी पर सीढिय़ों के दोनों तरफ और पौधे लगाने लगाने का सुझाव भी दिया।