वकील ने कहा- तुलसी ने जता दिया था अपने एनकाउंटर का अंदेशा
उदयपुर | सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर में बुधवार को मुंबई में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में हुई सुनवाई में तुलसी के वकील उदयपुर निवासी सलीम खान के बयान हुए। सलीम खान ने कोर्ट को बताया कि उनके क्लाइंट तुलसी ने न्यायिक अभिरक्षा के दौरान आशंका जताई थी कि गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस उसका कभी भी एनकाउंटर कर सकते हैं और इस संबंध में कोर्ट में एप्लीकेशन भी लगाई थी। सलीम खान ने कोर्ट में बयान दिए कि हामिद लाल हत्याकांड में वह आजम और तुलसी का वकील था। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के बाद गुजरात एटीएस ने जो एफआईआर लिखवाई थी, वह उसे झूठी लगती है, क्यों कि एफआईआर में गुजरात पुलिस ने सोहराबुद्दीन के लश्कर ए तैयबा से संपर्क और छोटा दाऊद का आदमी बताया था। जबकि हामिद लाल हत्याकांड में वांछित चल रहे सोहराबुद्दीन के बारे में हत्याकांड की पेश हुई चार्जशीट में यह तथ्य नहीं थे।
सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर
अपहरण साबित करने वाली आखिरी गवाह भी मुकरी
सीबीआई चार्जशीट के अनुसार सोहराबुद्दीन-कौसरबी के अपहरण को साबित करने वाली आखिरी गवाह मंजुसा आप्टे के बयान कोर्ट में बुधवार को हुए। पुराने बयानों पर कायम नहीं रहने पर सीबीआई ने उसे होस्टाइल घोषित किया। सोहराबुद्दीन-कौसरबी के अपहरण साबित करने वाले मंजुसा के पति अमित और ससुर शरद सहित सभी गवाह होस्टाइल हो चुके हैं। मंजुसा ने कोर्ट में कहा कि वह बस में सास के पास बैठी थी, कुछ देर में वह सो गई थी। ऐसे में बस में कौन-कौन बैठा था और रास्ते में कौन उतरा था, उसे जानकारी नहीं है। मंजुसा के साथ ही बुधवार को उसकी सास अंजली के बयान भी होने थे, लेकिन मंजुसा ने बताया कि उसकी सास की मृत्यु हो चुकी है।
तुलसी ने जनवरी में कोर्ट को अर्जी दे बताए थे हालात
सलीम ने काेर्ट को बताया कि तुलसी के गिरफ्तार होने के बाद उसे पुलिस ने जब न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था, तो वे उससे मिले थे। तब तुलसी ने उन्हें बताया था कि गुजरात एटीएस उसकी सूचना पर ही सोहराबुद्दीन तक पहुंची थी और फिर उसे मार दिया गया। अब गुजरात एटीएस और राजस्थान पुलिस टीम से उसे भी खतरा है। सलीम ने बताया कि 27 जनवरी 2006 को कोर्ट पेशी पर आते समय तुलसी ने कोर्ट परिसर में उन्हें एक एप्लीकेशन दी थी, जिसमें उसने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और एमपी पुलिस से उसे खतरा बताया था। एप्लीकेशन में लिखा था कि पुलिस पर कस्टडी से भागा बताकर उसका फर्जी एनकाउंटर कर सकती है। इस एप्लीकेशन को हमने मजिस्ट्रेट कोर्ट में लगाया था। 3 फरवरी 2006 को एप्लीकेशन पर सुनवाई कर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को आदेश दिए थे कि तुलसी के साथ कोई भी अमानवीय कृत्य नहीं हो। सलीम खान ने कहा कोर्ट के आदेश के बावजूद तुलसी का दिसंबर 2006 में उन्हीं परिस्थितियों में एनकाउंटर हुआ, जैसा उसने जनवरी में कोर्ट को बताया था। मामले की जब सीबीआई जांच हुई तो इस एप्लीकेशन, कोर्ट के आदेश की सर्टिफाइड कॉपी मैंने सीबीआई काे भी सौंपी थीं।