हाईकोर्ट बैंच के लिए वकीलों के साथ धरने पर बैठे भाजपा व विभिन्न समाजों के नेता भी
छत्तीस साल से हो रही हाईकोर्ट बैंच की मांग को राजनीतिक सहयोग नहीं मिलने से नाराज संभाग के वकीलों ने राज्य सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और उपवास आंदोलन बुधवार को भी जारी रखा। तीसरे दिन भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट और देहात जिला महामंत्री चंद्र गुप्त सिंह चौहान भी मांग के समर्थन में कोर्ट गेट पर धरने पर बैठे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृपा शर्मा स्वयं भाजपा के देहात जिला महामंत्री हैं। दोनों प्रमुख भाजपा नेताओं के साथ शहर के मुस्लिम नेता और मुस्लिम वकीलों ने भी धरना दिया। भट्ट ने कहा कि हाईकोर्ट बैंच मेवाड़-वागड़ की सबसे पुरानी मांग है। संभाग के वकील जनजाति के गरीब लोगों को सस्ता व सरलता से न्याय दिलाने की लड़ाई 36 साल से लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में वे आंदोलनकारी वकीलों के साथ हैं। मुद्दा जयपुर व दिल्ली तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। चौहान ने भी मांग का समर्थन किया। उधर, चित्तौड़ और बांसवाड़ा बार एसोसिएशन की ओर से भी उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच आंदोलन के समर्थन में धरना-प्रदर्शन हो रहा है। अंजुमन के सदर मोहम्मद खलील, नायब सदर माेहम्मद अशरफ खान सहित जिला बार के वकील सैयद हुसैन बंटी, अब्दुल हनीफ, अबरार मिर्जा, यूसुफ खान, मुस्तकिल खान, निसार अहमद सिंधी, मोहम्मद साबिर, अशफाक खान, मोहम्मद यूसुफ, मुनव्वर खान, चेतक सर्किल व्यापारी संगठन के अध्यक्ष अविनाश खटीक, नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दलपत सिंह चौहान, किरण कटारिया, गोपाल सालवी, सत्यनारायण चंदेरिया, ललित पहाड़िया, राहुल नीमावत, नीलिमा बैरान, प्रियंका पाल सिंह व प्रिया शक्तावत ने शहर में हाईकोर्ट बैंच के लिए धरना दिया।
फ्लैसबैक : जब कांग्रेस के राज में कटारिया भी बैठे थे धरने पर
हाईकोर्ट बैंच के लिए 110 दिन तक लगातार आंदोलन 2009 में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ चला था। तब नगर विधायक की हैसियत से गुलाब चंद कटारिया कलेक्ट्री के बाहर धरने पर बैठे थे। बार के तत्कालीन अध्यक्ष त्रिभुवन नाथ पुरोहित के कार्यकाल में आंदोलन बार के पूर्व अध्यक्ष जयकृष्ण दवे के नेतृत्व में चला था। कटारिया ने कलेक्ट्री के बाहर मंच पर बैठ कर आंदोलन की कमान संभाली थी। वादा किया था कि वे मेवाड़ की इस मांग के लिए जान की बाजी लगा देंगे। जब तक उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की घोषणा नहीं होगी, चैन से नहीं बैठेंगे। साल 2013 में भाजपा की सरकार बनने के बाद कटारिया ने हाईकोर्ट बैंच की आवश्यकता तो मानी मगर विशेष प्रयास नहीं किया। मार्च में वसुंधरा सरकार के बजट से पूर्व कटारिया ने सुखाड़िया सर्कल पर फुटपाथ वेंडर्स लाइसेंस वितरण समारोह में कहा था कि उदयपुर के लिए हाईकोर्ट बैंच के अलावा सभी जरूरतें पूरी हो चुकी हैं।