पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ, निर्माण स्थलों पर शौचालय तो दूर, पानी का भी बंदोबस्त नहीं

नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ, निर्माण स्थलों पर शौचालय तो दूर, पानी का भी बंदोबस्त नहीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
उदयपुर. अरावली निर्माण मजदूर सुरक्षा संघ के बैनर तले मंगलवार को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते महिला-पुरुष श्रमिक।

सिटी रिपोर्टर | उदयपुर

जिले के सायरा, गोगुंदा, मावली, सलूंबर, खेरवाड़ा अौर केसरियाजी के साथ उदयपुर शहर के सैकड़ों श्रमिकों ने मंगलवार को हक के लिए हुंकार भरी और रैली निकाल कर कलेक्ट्री के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले जिले भर से आए श्रमिक मोहता पार्क से रैली के रूप में विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्री पहुंचे।

प्रदर्शन के बाद कलेक्टर को ज्ञापन देकर श्रमिकों ने समस्याएं बताईं। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को बताया कि बीओसीडब्ल्यू योजना में पंजीयन के लिए श्रम विभाग नियोक्ता के आधार कार्ड की मांग कर रहा है जो उचित नहीं है। बीओसीडब्ल्यू योजना के हितलाभों के लिए श्रमिकों ने साल भर पहले से आवेदन किए हुए हैं लेकिन आज तक लाभ नहीं मिल पाया है। याेजना में उदयपुर जिले के 75000 से अधिक निर्माण पंजीकृत होने के बावजूद बहुत कम श्रमिकों को योजनाओं का लाभ मिला है। प्रतिनिधिमंडल ने गर्मी के दौर में विभिन्न कार्य स्थलों पर छाया और पानी की व्यवस्था करने की मांग की। लोगाें ने बताया कि एक तरफ स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है और दूसरी तरफ बड़े निर्माण स्थलों या अन्य कार्य स्थलों पर श्रमिकों के लिए शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। कृष्णावतार शर्मा, राजेश सिंघवी, संतोष पूनियां, गोविंद ओड, अल्का व्यास, इश्तियाक खान और बंशीलाल भी मौजूद थे।

मजदूरी के नाम पर बाहर ले जाए जा रहे हैं बच्चे, घर भी नहीं आने देते हैं

अरावली निर्माण मजदूर सुरक्षा संघ ने पुलिस उप अधीक्षक ग्रामीण को जिले के गोगुन्दा, सायरा, बरवाड़ा क्षेत्र से बच्चों को राजकोट, अहमदाबाद, सूरत ले जाकर बंधुआ मजदूरी करवाने की शिकायत की। बताया कि ऐसे मामले भी हैं कि बच्चे को यहां से ले जाकर किसी और को सौंप दिया जाता है। न तो उन बच्चों को मजदूरी मिल पाती है और न ही उनको वापस घर आने दिया जाता है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में गोगुन्दा थाने में 4-5 मामलों में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश भी की गई, मगर एक भी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

खबरें और भी हैं...