एसएचओ ने दिए थे आजम और तुलसी को अहमदाबाद पेशी पर ले जाने के आदेश
क्राइम रिपोर्टर | मुंबई/उदयपुर
सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में मंगलवार को मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में तत्कालीन कांस्टेबल निजामुद्दीन के बयान हुए। निजामुद्दीन ने कोर्ट को बताया कि वह 2006 में सूरजपोल थाने में कांस्टेबल था और हिम्मत सिंह एसएचओ थे। दिसंबर 2006 में उसे एसएचओ ने खतरनाक मुलजिम को पेश करने अहमदाबाद लेकर जाने के आदेश दिए थे। लेकिन एसएचओ को यह आदेश किसने दिए मुझे जानकारी नहीं है। इस पर सीबीआई ने कांस्टेबल निजामुद्दीन को हॉस्टाइल घोषित कर दिया। आजम और तुलसी को ट्रेन से अहमदाबाद लेकर गए। अगले दिन सुबह अहमदाबाद सेंट्रल जेल में दोनों को जमा कराया और हमलोग रेस्ट हाउस चले गए। गुजरात पुलिस ने ही उन दोनों की पेशी कराई थी। क्रॉस में पूछने पर कांस्टेबल निजामुद्दीन ने बताया कि आजम और तुलसी को ले जाने से पहले एसएचओ ने आमद रवानगी की थी।
चार्जशीट के बयान में लिखा है- एसएचओ को एसपी दिनेश एमएन ने आदेश दिए थे
क्रॉस में सीबीआई के बयान संबंधित सवाल पूछने पर निजामुद्दीन ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई ने बुलाया था। नाम-पते और रिश्तेदारों के नाम पूछे थे और उसके बाद जाने को कहा था। इसके अलावा उसके कोई बयान नहीं हुए थे। जब यह पूछा गया कि एसएचओ को अहमदाबाद जाने के आदेश किसने दिए थे तो निजामुद्दीन ने बताया कि उसे एसएचओ हिम्मत सिंह ने आदेश दिए थे। एसएचओ को किसने आदेश दिए उसे नहीं पता। चार्जशीट में शामिल सीआरपीसी की धारा 161 के तहत हुए निजामुद्दीन ने बयान में लिखा है कि उसे अहमदबाद जाने के आदेश एसएचओ ने दिए थे और एसएचओ को यह आदेश एसपी दिनेश एमएन ने दिए थे।