उदयपुर | गत दिनों आईजी आनंद श्रीवास्तव के थानों में हुए निरीक्षण में किराएदारों के सत्यापन के दिए आदेश के बाद शनिवार को घंटाघर थाना पुलिस के जवान और अधिकारी अपने सर्कल में माइक लेकर निकले। देर रात तक क्षेत्र में माइक से किराएदारों के सत्यापन के लिए थाने में सूची देने के लिए कहा गया। इसका असर यह हुआ कि एक ही दिन में 150 मकान मालिकों ने अपने किराएदारों की सूची सौंप दी। थानाधिकारी गोपाल चंदेल ने बताया कि गत दिनों आईजी आनंद श्रीवास्तव ने थाने का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में उन्होंने क्षेत्र में किराए से रह रहे लोगों के सत्यापन कराने के लिए कांस्टेबल को घरों में संपर्क करने को कहा था।
यह किया अनाउंस : आपके यहां कोई भी किराएदार मकान या दुकान लेकर रह रहा हो तो इसकी सूचना 7 दिनों के अंदर थाने में दें। एेसा नहीं करने पर पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी जिसमें छह माह की सजा का प्रावधान भी है।
शहर की सुरक्षा के लिए जरूरी है : पुलिस की यह सराहनीय कदम है हालांकि सभी थानों को शहरवासियों के घरों में रह रहे रेंटरों की सूचनाए लेने के आदेश पहले भी जारी हुए हैं लेकिन थाना पुलिस ने अब इस पर पहल शुरू की है। पहले कई मामले ऐसे आ चुके जिसमें रेंटर भी कई मामलों में फरार निकला है।
सूचना नहीं देने पर होगी कार्रवाई, छह माह जेल की सजा का है प्रावधान
किराएदारों की सूचना लेने के लिए माइक लेकर निकले घंटाघर थाना पुलिस के जवान
अन्य किसी भी थाने में नहीं किराएदारों का सत्यापन
शहर के अन्य किसी भी थाने में इस प्रकार की पहल नहीं की गई है। किसी भी थाने में किराएदारों के सत्यापन की सूचना नहीं है। हालांकि कुछ जागरूक मकान मालिक आगे चलकर जरूर थाने मेंं जाकर जानकारी देते हैं लेकिन वह कुछ एक ही होते हैं। शहर में सबसे ज्यादा किराएदार हिरण मगरी, प्रतापनगर, गोवर्धनविलास और भूपालपुरा में रहते हैं।