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सीएम ने 3 मंत्री, लॉ सचिव, ट्राइबल कमिश्नर और 3 वकीलों की कमेटी बनाई

3 वर्ष पहले
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उदयपुर | हाईकोर्ट बेंच की मांग काे लेकर शनिवार शाम को जयपुर में पहली बार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने आवास पर वकीलों के प्रतिनिधिमंडल सहित अन्य मंत्रियों के साथ बैठक की। मांग को लेकर इस स्तर की ये पहली बैठक थी। चर्चा करने के बाद सीएम ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जल्द से जल्द तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। रिपोर्ट कैबिनेट से पास होकर राज्यपाल को भेजी जाएगी। फिर आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। कमेटी में विधि मंत्री अध्यक्ष और लॉ सचिव सचिव होंगे। ट्राइबल कमिश्नर और हाईकोर्ट संघर्ष समिति के तीन वरिष्ठ वकील भी इसके सदस्य रहेंगे। गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा मेवाड़ के कुल विधायकों में 19 ट्राइबल क्षेत्र से हैं, ऐसे में यहां हाईकोर्ट बेंच जरूरी है। सीएम ने कटारिया से मेवाड़ की जेलों में आदिवासी क्षेत्र से संबंधित जेल अपील (सजायाफ्ता बंदी जो अपील करने की स्थिति में नहीं हैं) की संख्या और सेशन से जमानत निरस्त होने से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे बंदियों की संख्या मांगी है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत के नेतृत्व में गए वकीलों के 13 सदस्यीय दल ने भी सीएम को बेंच की जरूरत बताई।

सीएम आवास पर दो घंटे चली बैठक, कटारिया ने मांग का पुरजोर समर्थन किया

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हाईकोर्ट बेंच को लेकर करीब दो घंटे बैठक चली। इसमें विधि मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया, नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी, विधि सचिव महावीर शर्मा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, एडवोकेट जनरल नरपत सिंह, संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा, आईजी आनंद श्रीवास्तव, कलेक्टर बिष्णु चरण मल्लिक, एसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल सहित वकीलों के दल में शांतिलाल चपलोत, शांतिलाल पामेचा, रमेश नंदवाना, सत्येन्द्र सांखला, राम कृपा शर्मा, चेतनपुरी गोस्वामी, हरीश शर्मा, प्रवीण खंडेलवाल, महेन्द्र नागदा, सत्येन्द्र पाल सिंह छाबड़ा, भरत वैष्णव, भीलवाड़ा बार से नृपेंद्र सिंह, चित्तौड़गढ़ बार से कन्हैयालाल श्रीमाली थे।

यह हुई चर्चा : कटारिया ने कहा मेवाड़ में 19 विधायक ट्राइबल, ऐसे में 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा आदिवासी क्षेत्र हैं। ऐसे में आदिवासियों के न्याय का अधिकार के तहत हाईकोर्ट बेंच जरूरत है। वकीलों के दल ने बताया राज्यपाल संविधान के तहत मिले अधिकार से आदिवासियों के विकास और जरूरत के लिए हाईकोर्ट बेंच उदयपुर में स्थापित करने की अधिसूचना जारी कर सकते हैं। सीएम ने इस पर कानूनी राय सहित तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर धरना जारी।

चुनावी वर्ष में मेवाड़ को बेंच की उम्मीद हो सकती है पूरी

शांतिलाल चपलोत के आमरण अनशन के निर्णय के बाद खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चपलोत को इस मुद्दे पर मिलने का न्यौता भेजा था। चुनावी वर्ष होने से उम्मीद की जा रही है कि सरकार हाईकोर्ट बैंच की मांग पूरी करेगी। क्योंकि सरकार का यह फैसला उसे बड़ा फायदा देने वाला भी साबित हो सकता है।

बेंच से इन जिलों को फायदा

उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ के 28 विधायक और भीलवाड़ा, सिरोही के 10 विधायक कुल 38 विधानसभा क्षेत्रों की जनता को उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच होने से सीधा फायदा मिलेगा। यहां दो एससी और 17 एसटी सीटें भी हैं।

जारी रहेगा क्रमिक अनशन

बार एसो अध्यक्ष रामकृपा शर्मा ने बताया कि कोर्ट के मुख्य द्वार पर चल रहा क्रमिक अनशन अभी जारी रहेगा। यह एक जनआंदोलन बन चुका है और इसे हर संगठन से समर्थन दिया। अधिसूचना जारी होने तक क्रमिक अनशन करना है।

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