राजस्थान में रविवार से उत्पादों के इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट पर अब ई-वे बिल अनिवार्य रूप से लागू होगा। राजस्थान में ही अगर किसी उत्पाद को एक से दूसरे जगह पर ट्रांसपोर्ट करना हो तो व्यापारी को अनिवार्य रूप से ई-वे बिल देना होगा। अबतक ई-वे बिल प्रदेश के बाहर माल भेजने पर अनिवार्य होता था मगर अब प्रदेश के भीतर, यहां तक कि एक शहर में भी अगर व्यापारी को अपने एक गोदाम से दूसरे गोदाम अगर मोटर व्हीकल से माल भेजना होगा तो उसके लिए भी ई-वे बिल आवश्यक होगा। ई-वे बिल को लेकर जानिए वो बातें जो जाननी जरूरी है।
50 हजार से ज्यादा के माल पर ई-वे बिल जरूरी : ई-वे बिल उन माल पर आवश्यक होगा जिनकी टैक्स रेट 50 हजार से ज्यादा हो। वाणिज्य कर विभाग की उपायुक्त प्रज्ञा केवलरमानी और संजय विजय ने बताया कि डी-ऑयल केक को छोड़कर सभी टैक्सेबल उत्पादों पर ई-वे बिल आवश्यक होगा। पेट्रोल, शराब सहित ऐसे उत्पाद जिन पर जीएसटी लागू नहीं है उनके परिवहन पर ई-वे बिल आवश्यक नहीं होगा।
टैक्स सुनिश्चित करने के लिए शुरू हुआ ई-वे बिल
हर प्रकार के परिवहन पर टैक्स सरकार और विभाग को मिले इसलिए इसे शुरू किया गया है। इसके लिए व्यापारी को ऑनलाइन बिल जनरेट कर उसका नंबर माल परिवहन करने वाले ड्राइवर को देना होगा। ई-वे बिल नंबर से ही माल की ट्रैकिंग और जांच होगी। ई-वे बिल नहीं होने की स्थिति में व्यापारी पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
100 किलोमीटर के लिए मिलेंगे 24 घंटे
ई-वे बिल के तहत माल परिवहन के लिए एक व्यापारी की गाड़ी को 24 घंटे में 100 किमी का क्षेत्र मिलेगा। एक ई-वे बिल पर 100 किमी सफर पूरा करने के लिए 24 घंटे का समय दिया जाएगा। इससे ज्यादा समय गुजरने पर अगले दिन का ई-वे बिल उसी तरह से बनाना होगा।
व्यापारी को भटकना नहीं पड़ेगा, कवायद बढ़ेगी
ई-वे बिल से जहां विभाग और सरकार को तो फायदा होगा वहीं व्यापारी को इसका फायदा और नुकसान दोनों होगा। जहां एक और मोबाइल और अपने सिस्टम पर ई-वे बिल जनरेशन की सुविधा से व्यापारी को अपने अकाउंटेंट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वहीं दूसरी ओर ई-वे बिल की प्रक्रिया से ऑनलाइन ही सही व्यापारी की कवायद बढ़ जाएगी।
उदयपुर से मार्बल-मिनरल होता है सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्ट
प्रदेशभर में उदयपुर से मार्बल, मिनरल और सीमेंट का ट्रांसपोर्ट अन्य जगहों पर ज्यादा होता है। उदयपुर का मार्बल, खनिज और सीमेंट बड़ी मात्रा में दूसरे जिलों में भेजा जाता है। ऐसे में इन उद्योगों से जुड़े व्यापारियों को उदयपुर में ई-वे बिल का प्रयोग सबसे ज्यादा करना होगा।
ट्रेन से भेजने पर डिलिवरी लेते समय आवश्यक होगा ई-वे बिल
किसी भी माल को मोटर वाहन के बजाया ट्रेन से भेजने पर ई-वे बिल की प्रक्रिया अलग होगी। इसके तहत माल भेजने के बाद व्यापारी जिस भी जगह पर माल की डिलिवरी लेगा। वहीं पर ही उसे ई-वे बिल जनरेट कर नंबर बताना होगा। डिलिवरी के दौरान बुकिंग मैनेजर को ई-वे बिल बताकर ही माल लिया जा सकेगा।