अदालत ने मौसेरी बहन का यौन शोषण जघन्य अपराध में माना, जमानत याचिका खारिज की
उदयपुर. अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश (महिला उत्पीड़न प्रकरण) ने मौसेरी बहन को शादी का झांसा देकर यौन शोषण के आरोपी चित्रकूट नगर निवासी अभिषेक पुत्र मनाेज कुमार पंवार की जमानत याचिका खारिज कर दी। पीड़िता ने 2 मार्च 2018 को सुखेर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 2010 में उसके पिता की मृत्यु के बाद मौसी उसका मौसेरा भाई अभिषेक कुछ दिनों के लिए रहने आया था। इसके बाद वह पढ़ाई का बहाना बनाकर वहीं रहने लगा। अभिषेक ने शादी का झांसा देकर सात साल तक यौन शोषण किया। बाद में शादी के लिए कहा तो अभिषेक ने मना कर दिया। पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया। काेर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश में लिखा कि अभियुक्त ने मौसेरी बहन के साथ लंबे समय तक जबरन शारीरिक संबंध बनाए। यह अपराध जघन्य है। ऐसे में अभियुक्त की जमानत याचिका खारिज की जाती है।