सूटा को असंवैधानिक घोषित करने पर हाईकोर्ट ने सुविवि से मांगा जवाब
उदयपुर | सुखाड़िया विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (सूटा) को असंवैधानिक घोषित करने के मामले में उच्च न्यायालय ने सुखाड़िया विश्वविद्यालय को नोटिस के जरिए जवाब तलब किया है। सूटा अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया जोधपुर उच्च न्यायालय के जस्टिस निर्मलजीत कौर ने यह नोटिस जारी किया है।
वकील ने दलील दी थी कि भारतीय संविधान के आर्टिकल-19 के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांति पूर्वक विरोध दर्ज करवाने की स्वतंत्रता और संगठन बनाने की भी आजादी दी गई है। बावजूद इसके सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय ने शिक्षकों के संगठन सूटा को असंवैधानिक घोषित कर भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है। अगली सुनवाई 29 मई को होगी। बता दें, सूटा को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अध्यक्ष ने फिर आरोप जड़े हैं कि सूटा 1982 से संचालित है, जिसने हमेशा शिक्षक हितों के लिए संघर्ष किया है। सुविवि में सूटा के साथ नोन टीचिंग कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की यूनियन भी चल रही है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहरे मापदंड अपनाकर सिर्फ सूटा को असंवैधानिक घोषित कर दिया था, क्योंकि सूटा कुलपति के गलत फैसलों का विरोध जता रहा था।