उदयपुर | रंगमंच की बारीकियों को सीखने के लिए ‘‘तराश-2018’’ कार्यशाला का आगाज शनिवार को महाराष्ट्र भवन में हुआ। इसमें स्कूली छात्रों के साथ कामकाजी और घरेलू महिलाएं, शिक्षक, नौकरी पेशा वाले लोग शामिल हुए। सरकारी स्कूल के एक अध्यापक ने कहा मैं अध्यापक जरूर हूं पर यहां एक प्राथमिक कक्षा का छात्र बन कर आया हूं ताकि काफी कुछ सीखने को मिले। नुक्कड़ नाटक करने वाली एक प्रतिभागी ने कहा, यह कार्यशाला मेरे लिए मेरे पीछे छूटे शौक को पुनर्जीवित करने के एक माध्यम की तरह है। इसलिए अपनी बेटी के साथ मैं भाग लेने आई हूं। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को रंगमंच के क्षेत्र से जोड़ना, रंगमंचीय कला में रुचि पैदा करना, रचनात्मकता को बढ़ावा देना, अभिनय के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं की अभिनय कला को निखारना, अभिव्यक्ति देने के लिए मंच प्रदान करना है। संस्थान नाट्यांश सोसायटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफार्मिंग आर्ट्स के संयोजक अब्दुल मुबीन खान पठान ने बताया कि 23 दिवसीय प्रस्तुति परक इस कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों के द्वारा तैयार किए नाटक का मंचन किया जाएगा।