उदयपुर. मंदिर के लिए जमा हुई चंदा राशि के दुरुपयोग के आरोप में दर्ज मामले की जांच कर उसमें एफआर लगाने पर शनिवार को कोर्ट ने दोबारा जांच करने और मामले के मुख्य दस्तावेज की एफएसएल जांच करवाने के आदेश दिए। प्रकरण के अनुसार परिवादी भारत रामानुज ने कुछ लोगों के खिलाफ मंदिर के लिए जमा चंदा राशि के दुरुपयोग कर अमानत में खयानत का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच कर मामले में एफआर लगा कोर्ट में पेश की। परिवादी ने एफआर पर आपत्ति जता कोर्ट से निवेदन किया कि मामले की दोबारा जांच हो क्योंकि अभियुक्त ने दादा के नाम से एक फर्जी इकरारनामा बनाया था। परिवादी ने इकरारनामे की मूल कॉपी की एफएसएल जांच की भी मांग की। इस पर कोर्ट ने एफआर को अस्वीकार करते हुए इकरारनामे की एफएसएल जांच कराने के निर्देश देकर अग्रिम जांच के आदेश दिए।