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कम पड़े 146 ट्रेनर, 8 ब्लॉक में प्रशिक्षण के 14 बैच कैंसल

3 वर्ष पहले
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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षक केन्द्र (एसआईईआरटी) से प्रदेश में सबसे कम उदयपुर जिले में प्रशिक्षक तैयार किए जाने के कारण जिले के 17 में से 8 ब्लॉक में आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर के 14 बैच सोमवार को शुरू नहीं हो पाए। शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए जिले में 272 प्रशिक्षकों (की-रिसोर्स पर्सन) की जरूरत थी, लेकिन 98 ही प्रशिक्षक ही मिले। इस वजह से 17 ब्लॉक में कुल 68 में से 54 बैच ही शुरू हो सके।

दरअसल, इन शिविरों से पहले एसआईईआरटी उदयपुर ने प्रदेशभर से 4 हजार शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर बतौर प्रशिक्षक तैयार किया था। जिन्हें अपने-अपने जिले में आवासीय शिविरों में शिक्षकों को प्रशिक्षण देना था। इसमें उदयपुर जिले से 126 ही प्रशिक्षक तैयार किए गए थे, जबकि यहां जरूरत 272 की थी। 126 में से भी सोमवार को 98 प्रशिक्षक ही पहुंचे। बाकी प्रशिक्षकों ने बहाने लगाकर शिविर में आने से मना कर दिया तो कुछ ने शिक्षा अधिकारियों के बार-बार बुलाने की वजह से फोन ही बंद कर लिया है। ऐसे में यहां स्थिति ये हो गई कि प्रशिक्षक नहीं मिलने से जिला शिक्षा अधिकारी को मजबूरन 14 बैच निरस्त करने पड़ गए। इनमें ज्यादा अंग्रेजी और गणित के प्रशिक्षकों की कमी रही।

हालात : इन ब्लॉक में बैच निरस्त किए, कुछ में एक-एक प्रशिक्षक के जिम्मे पूरा बैच

प्रशिक्षक नहीं होने से झाड़ोल, फलासिया, खेरवाड़ा, ऋषभदेव, बडग़ांव, गोगुंदा, सायरा, कोटड़ा में दो-दो बैच शुरू नहीं हुए। इसके अलावा कोटड़ा में गणित के दोनों और अंग्रेजी का एक प्रशिक्षक नहीं था। झल्लारा में हिंदी का एक, सलूम्बर में अंग्रेजी के एक, सायरा में अंग्रेजी व गणित के एक-एक, सेमारी में अंग्रेजी के दोनों, सराड़ा में एक हिंदी, कुराबड़ में एक अंग्रेजी, फलासिया में एक अंग्रेजी, झाड़ोल में एक अंग्रेजी के प्रशिक्षक नहीं थे।

प्रशिक्षक रुचि दिखाएं, इसलिए इस बार दो गुना बढ़ा 800 रुपए किया प्रतिदिन भत्ता

प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षक रुचि से भाग लें, इस वजह से सरकार ने इस बार 400 रुपए से बढ़ाकर इनका प्रतिदिन भत्ता 800 रुपए किया था, जबकि व्यवस्थापक का मात्र 100 रुपए है। प्रशिक्षण कक्षा पहली से 5वीं को पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए है। इसमें हिंदी, गणित, अंग्रेजी, पर्यावरण के अलग-अलग प्रशिक्षक ट्रेनिंग दे रहे हैं। एक बैच 40-40 शिक्षकों का है और प्रत्येक ब्लॉक में करीब 4-4 बैच शुरू किए जाने थे। छह दिवसीय इस शिविर में प्रति ब्लॉक 4 बैच के लिए 16 प्रशिक्षकों की जरूरत है, लेकिन इतने नहीं मिले।

उदयपुर. निजी विद्यालय में शुरू हुए गिर्वा ब्लॉक शिक्षकों के आवासीय शिविर में तकनीकी खराबी से बायोमेट्रिक हाजिरी में दिक्कत हुई।

ये अव्यवस्थाएं भी रहीं

गिर्वा, कोटड़ा सहित कई प्रशिक्षण केन्द्रों पर बायोमेट्रिक मशीन में तकनीकी खराबी होने के कारण शिक्षकों की हाजिरी लगाने में दिक्कत हुई।

ज्यादातर शिविरों से शिक्षक रात 8 बजे बायोमेट्रिक से हाजिरी के बाद अपने घर रवाना हो गए। जबकि उन्हें रात्रि विज्ञान शिविर स्थल में करना था।

दूसरे चरण में चयनित शिक्षक पहले चरण में शामिल हो गए और बीईईओ ने भी इन्हें एंट्री दे दी।

कुराबड़ में कूलर की व्यवस्था नहीं होने से शिक्षकों ने इसका विरोध किया।

प्रशिक्षक तैयार करने को बुलाने पर भी डीईओ ने नहीं भेजे थे शिक्षक : डीडी

हमने पूरे प्रदेश के 4 हजार से ज्यादा शिक्षकों को केआरपी प्रशिक्षक के रूप में तैयार किया था। केआरपी के लिए उदयपुर जिले से ज्यादा शिक्षक बुलाए गए थे, लेकिन डीईओ माध्यमिक-प्रारंभिक ने इतने शिक्षक भेजे ही नहीं। जबकि हमने बार-बार भेजने का आग्रह किया था। मधुसूदन व्यास, डीडी, एसआईईआरटी

18 प्रशिक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई

एसआईईआरटी के जरिए केआरपी प्रशिक्षण लेने के बावजूद आवासीय शिविरों में प्रशिक्षण देने नहीं पहुंचे 18 प्रशिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। कार्रवाई के लिए डीईओ को लिखा है। नरेश भट्ट, प्रिंसिपल, डाइट

जो शिक्षक नहीं पहुंचे, उन पर कार्रवाई

एसआईईआरटी के केआरपी प्रशिक्षण में ज्यादा संख्या में शिक्षक भेजे गए थे, जो शिक्षक नहीं पहुंचे, उन पर एसआईईआरटी कार्रवाई करने में सक्षम हैं। प्रशिक्षकों की कमी से जो बैच निरस्त किए हैं उन्हें अगले चरण में शामिल करेंगे। नरेश डांगी, डीईओ, माध्यमिक

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